रांची. कांके के शुगनू में जल्द ही बॉर्डर सिक्युरिटी फोर्स (बीएसएफ) की रिजर्व बटालियन खुलेगी। इसकी तैयारी जोरों पर चल रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रस्ताव पर बीएसएफ ट्रेनिंग सेंटर, हजारीबाग के आईजी ने झारखंड सरकार को पत्र लिखकर जमीन की मांग की थी। जिसे रांची जिला प्रशासन देने को तैयार हो गया है।
उपायुक्त मनोज कुमार ने जमीन हस्तांतरण के लिए अपनी सहमति भी दे दी है। आईजी ने जमीन की मांग दिसंबर, 2015 में की थी। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संचिका को प्रमंडलीय आयुक्त केके खंडेलवाल के पास भेज दिया है। वहां से सहमति मिलने के बाद इसे राजस्व विभाग को भेजा जाएगा।
रांची में बीएसएफ की बटालियन खुलने से यहां के नवयुवकों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। अपर समाहर्ता अंजनी कुमार मिश्र ने बताया कि बीएसएफ ने 78 एकड़ जमीन की मांग की है, जिसमें 48 एकड़ जमीन चिह्नित भी कर ली गई है। जमीन के बदले केंद्र सरकार राज्य सरकार को शुल्क देगी। इसका आकलन कर लिया गया है।
अन्य कई बटालियन हैं जिले में
रांची जिले में वर्तमान में केंद्र व राज्य सरकार की कई बटालियन हैं। इनमें केंद्र की सीआरपीएफ, एसएसबी, आईटीबीपी, कोबरा, सीआईएसएफ के अलावा राज्य की जैप-1, जैप-2, जैप-10, झारखंड जगुआर आदि शामिल हैं। हाल ही में एयरफोर्स ने भी प्रशासन से भर्ती केंद्र खोलने के लिए छह एकड़ जमीन की मांग की है। इसके अलावा जिले के कई हिस्साें में भारतीय सेना की बटालियन भी हैं।
48 एकड़ गैरमजरुआ जमीन की गई चिह्नित
प्रशासन के अनुसार कांके अंचल के सुगनू में बीएसएफ बटालियन की स्थापना होगी। यहां गैरमजरुआ जमीन है। यहां पर 78 एकड़ जमीन तो है, लेकिन इसमें से 48 एकड़ जमीन पूरी तरह खाली है। जिसपर कोई अतिक्रमण नहीं है। यह गैरमजरुआ जमीन है। जबकि 30 एकड़ जमीन वन भूमि है। जो गैरमजरुआ मालिक किस्म की जंगल-झाड़ी जमीन है।
कांके अंचलाधिकारी ने जमीन चिह्नित करके पूरी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई शुरू की गई है। वन भूमि पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रस्तावित भूमि सुगनु मौजा की है। इसका खाता नंबर 187, प्लॉट नंबर 3478, 3495 है।
संचिका भेज दी गई है
बीएसएफ ने जमीन मांगी थी। हमलोगों ने कांके में सरकारी जमीन चिह्नित कर ली है। 78 एकड़ जमीन में से 48 एकड़ जमीन खाली है। बाकी जमीन पर जंगल-झाड़ी है। प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है। आगे की कार्रवाई के लिए संचिका प्रमंडलीय आयुक्त को भेज दी गई है। -अंजनी कुमार मिश्र, अपर समाहर्ता, रांची