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  • चतुर्थ झारखंड विधानसभा के बजट सत्र की तैयारियां लगभग पूरी

बजट पर आमने-सामने होगा पक्ष व विपक्ष

5 वर्ष पहले
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रांची. चतुर्थ झारखंड विधानसभा के बजट सत्र की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। स्पीकर और संसदीय कार्य विभाग द्वारा संबंधित विभागों और उसके अधिकारियों को ससमय सदस्यों के प्रश्नों का उत्तर सभा सचिवालय को उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए जा चुके हैं। सभा सचिवालय भी सोमवार से प्रारंभ हो रहे सत्र को लेकर सक्रिय है।
छुट्टी के दिन भी सभा सचिवालय में सत्र को लेकर काम-काज हुए हैं। गृह विभाग और डीजीसी से सत्र के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। पक्ष और विपक्ष भी अपनी-अपनी तैयारी में जुटा है। सत्ता पक्ष अपने मंत्रियों से जहां पूरी तैयारी के साथ सदन में आने और पूरे सत्र के दौरान सदस्यों से सदन में उपस्थित रहने का अनौपचारिक निर्देश दिया है।

वहीं सोमवार को होनेवाली सत्ता पक्ष के विधायकों की बैठक में रणनीति को और धारदार बनाने का फैसला किया जाएगा। दूसरी ओर विपक्ष सरकार को घेरने के लिए मुद्दे तलाश रहा है। कांग्रेस अपने मुद्दों का खुलास भी कर रही है। इस बार बजट का एक नया रूप भी दिखेगा जब सरकार कृषि और जेंडर बजट अलग से पेश करेगी।
प्रतिपक्ष के नेता हेमंत सोरेन का कहना है कि बजट बनाओ अभियान के नाम पर राज्य सरकार जनता को मूर्ख बनाओ अभियान चला रही है। उन्होंने सवाल किया कि पहले क्या ग्राम सभा की सहमति के बगैर कोई योजना बनती थी क्या? आज इसे एक नाम भर दिया गया है, जिसको लेकर हवा बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट के पेश नहीं हुआ और यहां राज्य का बजट पेश हो रहा है। शायद ऐसा पहली बार हो रहा है। 60-70 फीसदी राजस्व केंद्र से मिलता है। झारखंड का रिसोर्स 12-15 हजार करोड़ का है। इस स्थिति में कैसे बजट पेश किया जा रहा है, यह अपने आप में अनूठा है। जब सरकार को पता ही नहीं है कि उसका संसाधान क्या है?
पहले और बेहतर सत्र चलेगो : विधानसभा अध्यक्ष
स्पीकर दिनेश उरांव का कहना है कि विभागों को समय पर सदस्यों के प्रश्नों का जवाब देने का निर्देश दे दिया गया है। अधिकारियों को इसके लिए बार-बार हिदायत भी दी गयी है। 10 फरवरी को हुए विधायकों के प्रशिक्षण का लाभ भी इस बार सत्र के दौरान सदन को मिलेगा।
उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस बार पूर्व की अपेक्षा और भी बेहतर ढंग से सत्र चलेगा। पक्ष और विपक्ष मिल कर सदन को स्मूथली चलाएंगे।
कानून व्यवस्था व भ्रष्टाचार के मुद्दे गूजेंगे ही : भगत
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखदेव भगत का कहना है कि बजट सत्र में चार-पांच विषय महत्व की होंगी। कांग्रेस इन विषयों पर सरकार की मंशा और रुख के अनुरूप अपना आचरण करेगी। सरकार एaक ओर विधायी प्रशिक्षण का आयोजन कर रही है।
दूसरी ओर खुद विधायी प्रक्रिया का उल्लंघन करती है। शीत सत्र में आसन से एक विधेयक को प्रवर समिति को सौंपने का निर्देश दिए जाने के बाद उसे वापस ले लिया गया। वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है लेकिन इंदिरा आवास का एक भी पैसा गरीबों को भुगतान नहीं हुआ।
खाद्य सुरक्षा कानून लागू नहीं हो पा रहा है। इसी तरह कानून व्यवस्था, वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार के विषय तो सदन में गूजेंगे ही।
किस दिन किसका प्रश्नकाल
मंगलवार (16 एवं 23 फरवरी तथा 1,8 एवं 15 मार्च) : वन पर्यावरण, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस, पर्यटन कला संस्कृति एवं खेलकूद, उद्योग तथा खान व भूतत्व।
बुधवार(17 एवं 24 फरवरी, 2,9 एवं 16 मार्च) : नगर विकास एवं आवास, भवन निर्माण, पथ, परिवहन, ग्रामीण विकास एवं पेयजल स्वच्छता।
गुरुवार (18 एवं 25 फरवरी, 3, 10 एवं 17 मार्च) : कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता, जल संसाधन, खाद्य सार्वजनिक उपभोक्ता मामले, महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा, कल्याण एवं ऊर्जा विभाग।
शुक्रवार (19 एवं 26 फरवरी, 4, 11 एवं 18 मार्च)-श्रम नियोजन प्रशिक्षण, उत्पाद एवं मद्य निषेध, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, विधि, राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार।
सोमवार (29 फरवरी एवं 14 मार्च): कैबिनेट सचिवालय एवं निगरानी, मंत्रिमंडल निर्वाचन, कार्मिक, गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन, योजना सह वित्त, सूचना एवं जनसंपर्क तथा वाणिज्यकर।
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