धनबाद. वस्त्र प्रतिष्ठान बिहारीलाल चौधरी फैब्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिकों सुभाष चौधरी और प्रकाश चौधरी ने शुक्रवार को आयकर अधिकारियों के सामने 12 करोड़ रुपए की ब्लैक मनी कबूली। ऑर्थोपेडिक चिकित्सक डॉ. संजय चौधरी ने 2 करोड़ का काला धन होने की बात स्वीकार की। हालांकि दोनों के कबूलनामे पर आयकर अधिकारियों को यकीन नहीं है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच में ब्लैक मनी का आंकड़ा बढ़ेगा। उसी अनुरूप टैक्स वसूला जाएगा। साथ ही 300 फीसदी तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
बिहारीलाल के वस्त्र प्रतिष्ठानों पर चल रही छापेमारी शुक्रवार रात 11 बजे समाप्त हुई। डॉ. संजय चौधरी के क्लिनिक व आवास में चल रही रेड सुबह खत्म हुई।
दोनों जगह से 40 लाख की नकदी जब्त हुई
छापेमारी की समाप्ति के बाद जब्त नकदी, बैंक खातों और लॉकरों की संख्या बढ़ी। बिहारीलाल के ठिकानों से 28 लाख की नकदी जब्त हुई, वहीं डॉ. संजय चौधरी के यहां से 12 लाख कैश मिले। बिहारीलाल के आवास से 2 और डॉ. संजय चौधरी के पास से 4 बैंक लॉकर मिले। उन्हें सीज कर लिया गया है।
विभाग को अनुमान है कि इन लॉकरों में जेवरात, निवेश व अन्य अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज हो सकते हैं। वहीं दोनों जगहों से जब्त पांच दर्जन बैंक खातों में भारी धनराशि जमा हो सकती है। खाते व लॉकरों की पड़ताल बाद में होगी।
कंप्यूटर उगलेगा राज
अधिकारियों का मानना है कि बिहारीलाल चौधरी के प्रतिष्ठानों में बिलिंग कंप्यूटर के माध्यम से होता है, वहीं डॉ. संजय चौधरी के क्लिनिक में रजिस्ट्रेशन से लेकर जांच तक के लिए कंप्यूटर के जरिए ही बिलिंग होती है। लिहाजा दोनों के ठिकानों में मौजूद बिलिंग से जुड़े सभी कंप्यूटर को जब्त किया गया है। कंप्यूटरों के हार्डडिस्क ही राज उगलेंगे।
आयकर अधिकारियों ने बताया कि जितनी अघोषित संपत्ति होने की बात कबूली है, उससे अधिक मिली तो टैक्स के साथ जुर्माना भी वसूला जाएगा। अभी बैंक खातों में जमा धन और लॉकर में मौजूद संपत्ति की छानबीन नहीं हुई है।