जामताड़ा. जामताड़ा के मिहिजाम में 38 एकड़ जमीन का घोटाला सामने आया है। सीओ और सीआई की मिलीभगत से नन सेलेबुल और नन ट्रांसफरेबल जमीन की गलत रिपोर्ट तैयार कर उसे बिक्री योग्य बता दिया। उसी रिपोर्ट के आधार पर 38 एकड़ जमीन 1381 लोगों को बेच दी गई।
यह खरीद-बिक्री संथालपरगना काश्तकारी अधिनियम 1949 का उल्लंघन है। सीओ की रिपोर्ट पर अवर निबंधक जामताड़ा द्वारा इन अविक्रयशील एवं अहस्तांतरणीय जमीन का निबंधन किया गया है। बाद में सीओ ने इस जमीन का नामांतरण भी कर दिया।
जमीन मुकर्ररी रैयती है
अंचलाधिकारी एवं कार्यालय कर्मियों द्वारा बुटबेरिया मौजा की 38.12 एकड़ भूमि, जो खतियान में मुकर्ररी रैयती एवं पुरातन पतित के रूप में दर्ज है, को बिक्री योग्य बताया गया है।
जानकारी के अनुसार जामताड़ा के मौजा बुटबेरिया, थाना नंबर 17 के खाता संख्या 24 दाग नंबर 1, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 36, 43, 61, 64 से लेकर 153, 154, 156 एवं 258/839 कुल रकबा 38.12 को मिहिजाम थाना क्षेत्र के कानगाेई निवासी निर्मल कुमार मिस्त्री पिता स्व. अकलू मिस्त्री ने बेचा है।
इन लोगों ने खरीदी जमीन
निबंधन कार्यालय के अनुसार निबंधन के पूर्व अंचलाधिकारी से भूमि से संबंधित जांच कार्रवाई गई थी। सीओ की जांच रिपोर्ट के बाद ही केबाला किया गया है।
अधिकांश खरीदारों ने 6 से 10 डिसिमल जमीन खरीदी है। जिनमें पुष्पा यादव पति राजकुमार यादव, संजीव कुमार पिता नागेश्वर मंडल, अमित कुमार रंजन पिता सत्यनारायण, सीता कुमारी पति सूर्यकांत कुमार एवं अन्य शामिल हैं।
जमीन बिक्री को गलत बताया
अपर समाहर्ता जामताड़ा विधानचंद्र चौधरी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा है कि जेएफ गेंजर के 1922-35 की फाइनल रिपोर्ट ऑन द रिविजन सर्वे एंड सेटलमेंट ऑपरेशन इन द डिस्ट्रिक्ट ऑफ संथालपरगना में उक्त जमीन को रैयती व अहस्तांतरणीय बताया गया है।
सीओ ने अवर निबंधक को दी गलत रिपोर्ट
अंचल कार्यालय जामताड़ा द्वारा साजिश के तहत पूरी जमीन को हस्तांतरणीय बताया गया है। कार्यालय के पत्रांक 9/ रा दिनांक 8 जनवरी 2014, जो अवर निबंधक को लिखा गया है।
उस पत्र में सीओ जामताड़ा द्वारा कहा गया है कि बुटबेरिया थाना संख्या 17 के खाता संख्या 24 मुकर्ररी रैयत राम माजी दीगर के नाम से खतियान में दर्ज है, जो मुकर्ररी सत्व की जमीन है। सीओ जामताड़ा द्वारा उक्त भूमि को हस्तांतरण एवं निबंधन के योग्य बताया गया है।
ऐसे हुआ खुलासा
मिहिजाम के सुखदेव राय, राजकुमार राय व अन्य ने अवर सचिव राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग रांची से शिकायत की कि मिहिजाम में 38 एकड़ जमीन का अवैध रूप से खरीद-बिक्री कर हस्तांतरित किया गया है।
इसमें सीओ, सीआई व कर्मचारी की मिलीभगत है। इन लोगों ने अपने लाभ के लिए जमीन की गलत रिपोर्ट अवर निबंधन कार्यालय को सौंपी। उन लोगों की शिकायत पर विभाग ने जामताड़ा डीसी को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा। डीसी ने अपर समाहर्ता जामताड़ा को जांच की जिम्मेवारी सौंपी।
सीओ, सीआई, कर्मचारी को शोकॉज
आरोपी सीओ, सीआई व कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। राजस्व कर्मचारी सुनील साेरेन व तत्कालीन सीआई इस्माइल टुडू के विरुद्ध प्रपत्र क गठित करने का निर्देश दिया गया है। तत्कालीन सीओ हेमा प्रसाद पर कार्रवाई के लिए लिखा जा रहा है।
-विधानचंद्र चौधरी, अपर समाहर्ता, जामताड़ा