रांची. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मंगलवार को राज्य के पुलिस व प्रशासनिक अफसरों को अपराध नियंत्रण और विकास का पाठ पढ़ाया। और कहा कि जनता को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाएं, तभी उनका विश्वास हासिल किया जा सकता है। शासन एवं प्रशासन पर जनता का विश्वास होगा, तो राज्य तेजी से तरक्की करेगा। प्रोजेक्ट भवन में सभी जिलों के डीसी व एसपी के साथ अलग-अलग बैठको में सीएम ने अफसरों को आश्वस्त किया कि यदि आप अच्छा काम करेंगे, तो सरकार का पूरा साथ मिलेगा। साथ ही चेतावनी दी कि गलत काम करेंगे, तो कानूनी कार्रवाई होगी।
ग्रामीणों ने दो लाख योजनाएं चिह्नित कीं
आईएएस अफसरों की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा, योजना बनाओ अभियान के तहत 120 प्रखंडों में करीब दो लाख योजनाओं को ग्रामीणों ने चिन्हित किया है। इनमें बुनियादी सुविधाओं के अलावा भू-समतलीकरण, मिट्टी का बांध, डोभा, पोखर, कुआं, पशु शेड आदि से संबंधित प्रस्ताव हैं। मनरेगा की समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिक से अधिक कार्य दिवस सृजित करने के लिए समुचित योजना पर पंचायत समिति एवं जिला परिषद का अनुमोदन प्राप्त करने तथा डाटा इंट्री 22 फरवरी तक पूरा करने का उन्होंने निर्देश दिया। कहा कि अब मनरेगा की समीक्षा डीसी हर दिन करेंगे। आयुक्त प्रत्येक सप्ताह इसकी समीक्षा करेंगे।
जनता की भागीदारी जरूरी
सीएम ने कहा, जनकेंद्रित विकास ही सुशासन का मूल-मंत्र है। योजनाओं में जनता की साझेदारी होगी तो वह निश्चित सफल होगी। उन्होंने जल-संचय, कृषि, आपदा प्रबंधन के तहत चापानल लगाने, वनाधिकार पट्टा, मुख्यमंत्री अनुसूचित जनजाति विकास योजना, ग्रामीण पेयजलापूर्ति आदि को कार्यान्वित करने का आदेश दिया। कहा कि उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों को विकसित करना सरकार की प्राथमिकता में है। जिला, प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर भी अच्छी कार्य संस्कृति बनानी है।
शासक नहीं, सेवक बनें
सीएम ने विधायक कोष, सांसद आदर्श ग्राम योजना, वनाधिकार पट्टा एवं कृषि से संबंधित योजनाओं की भी समीक्षा मेंे कहा कि जिला स्तर पर एक सप्ताह के अंदर शिड्यूल एरिया, आदिवासी विकास परिषद की बैठक करें। 2018 तक स्वच्छ झारखंड का लक्ष्य पूरा करें। अधिकारी शासक की भूमिका में न रह कर सेवक की भूमिका में रहें और कुछ ऐसा कीर्ति करें कि लोग याद रखें।
कुख्यात अपराधियाें को सजा दिलाएं
पुलिस अफसरों की बैठक में सीएम ने निर्देश दिया कि कुख्यात अपराधियों के मामले पर विशेष निगरानी रखें। कोर्ट से उन्हें जमानत नहीं मिले, इसके लिए पहले से ही तैयारी करके रखें। राज्य में सजा दिलाने की स्थिति काफी कम है, इसमें सुधार करें। अनुसंधान की स्थिति भी अच्छी नहीं है। जरूरी हो तो शुरुआती चरण से ही कानूनी राय ली जाए, ताकि कोर्ट में मामला कमजोर न पड़े और दोषी को सजा मिल सके। उन्होंने सभी डीएसपी को निर्देश दिया कि हर दिन दो-तीन थानों का इंस्पेक्शन करें। एसपी, एसएसपी और डीआईजी भी सप्ताह में एक-दो दिन महत्वपूर्ण मामलों की समीक्षा करें। सीएम ने पुलिस कर्मियों को निर्देश दिया कि थानों को स्वच्छ रखें। थानेदार इसकी जिम्मेवारी लें। महिला और बाल थानों की जल्द शुरुआत करें।