जिद एक्सिडेंट से आजादी की : पापा और भाई को बिना हेलमेट के नहीं चलाने देंगे बाइक

4 वर्ष पहले
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रांची. दैनिक भास्कर जिद एक्सिडेंट से आजादी की कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार को पुरुलिया रोड स्थित संत अन्ना हाई स्कूल व इंटर कॉलेज में हुआ। कार्यक्रम में शामिल करीब 3000 छात्राओं ने शपथ ली कि इस कार्यक्रम को देखने के बाद वे अपने पापा, भाई और परिवार के अन्य सदस्यों को बिना ड्राइविंग लाइसेंस व बिना हेलमेट बाइक चलाने नहीं देंगी। इस दौरान छात्राओं ने ट्रैफिक एसपी से कई सवाल भी पूछे, जिसका उन्होंने जवाब दिया। 

छात्रा रिया ने पूछा- जब किसी नेता या अधिकारी का एक्सिडेंट होता है तो उससे मिलने व मदद करने काफी संख्या में लोग पहुंच जाते हैं, लेकिन रोड पर कोई आम आदमी अादमी दुर्घटना ग्रस्त होता है, तो उसकी मदद कोई नहीं करता, ऐसा क्यों? इसपर ट्रैफिक एसपी संजय रंजन सिंह ने कहा कि आम आदमी की मदद के लिए अब पुलिस सभी जगहों पर तैनात है। चौक-चौराहों पर पीसीआर और आर्मर की गाड़ियां  तैनात रहती हंै, ताकि तुरंत घायल को मदद मिल सके। अब ट्रैफिक पुलिस ने भी कई जगहों पर कुछ निजी अस्पतालों की मदद से एंबुलेंस की व्यवस्था की है। 

कार्यक्रम में राइज-अप के ऋषभ आनंद ने स्टूडेंट्स को बताया कि रांची में भी हर साल एक्सिडेंट की संख्या बढ़ती जा रही है। इसमें मरनेवाले अधिकांश युवा है और एक्सिडेंट का कारण रफ्तार है। संचालन झारखंड फिल्म एंड थिएटर एकेडमी के राजीव सिन्हा ने किया। मौके पर संत अन्ना स्कूल के टीचर्स भी मौजूद थे।
 
अंजलि के भाई को कार ने कुचला था
 
छात्रा अंजलि ने बताया कि एक कार वाले की गलती की वजह से उसके भाई फ्रांसिस प्रतीक कुजूर की जान चली गई। गाड़ी चालक को कुछ नहीं हुआ, लेकिन उनका भाई छोटी-सी लापरवाही की वजह से अब नहीं  रहा। दूसरों के साथ ऐसा नहीं हो, इसलिए लोग संयम के साथ गाड़ी चलाएं। छात्रा फातिमा ने बताया कि उनकी मां का भी लापरवाही की वजह से ही एक्सिडेंट हुआ। लेकिन वह बाल-बाल बच गईं। 
 
नाटक में दिखाया कैसे तेज रफ्तार ने ले ली तीन छात्रों की जान 
 
झारखंड फिल्म एंड थिएटर एकेडमी के कलाकारों ने एक नाटक प्रस्तुत किया, जिसमें दिखाया कि कैसे तेज रफ्तार की वजह से रांची के हिनू में रहनेवाले तीन छात्रों की जान चली गई। नाटक के माध्यम से छात्राओं को संदेश दिया गया कि आज के  युवाओं को रफ्तार पसंद है, लेकिन माता-पिता को भी बच्चों की ऐसी जिद पर रोक लगानी चाहिए। अगर वे बाइक मांगे तो 18 वर्ष आयु से पहले कभी खरीद कर नहीं दें। नाटक में विभाष कुमार, मनीष भारती, दीपांशु चटर्जी, विक्की माधवन, ललित साव, अमित डे, आकांक्षा झा, मोहित, अभिषेक वाधवान, अक्षय कुमार, सलमान और रौशन प्रकाश ने शानदार अभिनय किया। 
 
बच्चे सूचना पहुंचाने का माध्यम हैं : सि. निर्मला 
 
संत अन्ना हाई स्कूल व इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल सिस्टर निर्मला ज्योति ने कहा कि बच्चे सूचना पहुंचाने का माध्यम हैं। वे जो सीखते हैं अपने घर के सदस्यों को बताते हैं। उन्होंने छात्राओं को कहा कि जब तक 18 वर्ष की उम्र नहीं हो, वाहन नहीं चलाना चाहिए। एक्सिडेंट की सबसे बड़ी वजह लापरवाही है।
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