रांची. सफायर इंटरनेशनल स्कूल के सातवीं कक्षा के छात्र विनय महतो की हत्या के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में सफायर स्कूल प्रबंधन की लापरवाही खुल कर सामने आई है। जांच में स्कूल प्रबंधन को पूरी तरह से जिम्मेवार माना गया है।
इसमें कहा गया है कि अगर स्कूल प्रबंधन सचेत रहता तो छात्र की जान बच सकती थी। पर, स्कूल प्रबंधन लगातार चूक करते रहा और इतनी बड़ी घटना हुई। डीसी मनोज कुमार के निर्देश पर डीएसई जयंत कुमार मिश्र ने स्कूल की जांच कराई।
दो सदस्यीय जांच टीम में एरिया एजुकेशन अफसर प्रमोद कुमार और रामनरेश सिंह शामिल थे। टीम ने स्कूल में विनय महतो की हुई हत्या पर प्राचार्य ध्रुव दास को शोकॉज किया। दास ने शोकॉज का जवाब दे दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद डीसी ने कहा है कि अब स्कूल प्रबंधन को शोकॉज किया जाएगा। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
चार फरवरी को सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल
जांच में यह बात सामने आई है कि स्कूल के हॉस्टल का गेट रात 10.30 बजे तक बंद कर देना है। लेकिन, विनय चार फरवरी को रात 1.09 मिनट पर बिना किसी रोक-टोक के अपने हॉस्टल से बाहर निकला। इसका रिकॉर्ड सीसीटीवी फुटेज में भी है।
स्कूल में सुरक्षा गार्डों की तैनाती है, पर उस दिन गार्ड कहां ड्यूटी कर रहे थे। घटना के दिन अगर गार्ड मुस्तैदी के साथ ड्यूटी कर रहा होता, तो विनय रात में टीचर्स रूम में नहीं जाता। सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरा कम हैं। मोबाइल से रिकार्डिंग के भरोसे सुरक्षा की पहरेदारी हो रही थी। हॉस्टल में विंग पैरेंट्स(वार्डंन) ने भी लापरवाही बरती।
हॉस्टल की भी जांच जरूरी है : डीएसई
आरटीई एक्ट में यह प्रावधान है कि अगर स्कूल छात्रों को भयमुक्त माहौल उपलब्ध नहीं कराता है, तो उसकी मान्यता रद्द की जा सकती है। इसी के आधार पर जिला प्रशासन भी आगे की कार्रवाई करेगा।
रांची के डीएसई जयंत मिश्र ने बताया कि उपायुक्त के स्तर से एक कमेटी बना कर कर सफायर इंटरनेशनल स्कूल के हॉस्टल की जांच आवश्यक है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती है, तब तक हॉस्टल बंद रहने दिया जाए। क्योंकि, यह बच्चों के हित में काफी जरूरी है। स्कूल में कुल 435 बच्चे हैं। इनमें हॉस्टल में 136 बच्चे रहते हैं। बाकी बच्चे घर से स्कूल आना-जाना करते हैं।
सवाल : लाेग कह रहे हैं कि आपने मामला मैनेज कर लिया
सफायर इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन रोहित साहू, वाइस चेयरमैन मोहिता साहू और प्रिंसिपल ध्रुव दास विनय की हत्या के आठ दिन बाद उसके माता- पिता से मिलना चाहते हैं। इसलिए तीनों ने शनिवार को प्रेस वार्ता की।
मीडिया से कहा कि हम आपके माध्यम से उनसे मिलना चाहते हैं। जब मीडिया वालों ने कहा कि प्रधानमंत्री के भाई प्रहलाद मोदी भी काफी दूर से आकर विनय के परिजन से मिलकर चले गए, लेकिन आपलोगों ने अभी तक पीड़ित परिवार से बात तक नहीं की।
मीडिया ने जब यह भी सवाल उठाया कि जिस तरह से पुलिस ने अनुसंधान कर नाजिया और उसके परिवार को जेल भेज दिया, तो क्यों नहीं माना जाए कि आपने पूरे मामले को मैनेज कर लिया है। इसके जवाब में चेयरमैन रोहित साहू ने कहा कि पुलिस ने जांच में कोई कमी नहीं छोड़ी है।
सीआईडी और फॉरेंसिक जांच में जो तथ्य मिले, उसी के आधार पर नाजिया के परिवार को पुलिस ने पकड़ा है। वे सीबीआई जांच के लिए तैयार हैं। उस दिन सुरक्षा व्यवस्था में जिनकी वजह से खामियां मिली थीं, उन सभी को स्कूल से हटा दिया गया है।
वार्डन अतानु नाग को बर्खास्त कर दिया गया है। तीन गार्ड भी निकाल दिए गए हैं। स्कूल के हेट सिक्यूरिटी और हेड ऑफ बोर्डिंग को शो कॉज किया गया है। जैसे ही उनका जवाब आएगा, उन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
अभिभावकों का विश्वास खोया
क्या इस घटना के बाद आपके व्यवसाय काे नुकसान हुआ, इस रोहित साहू ने कहा कि हां। साथ ही यह कहा कि, व्यवसाय से ज्यादा स्कूल की प्रतिष्ठा गई है। जिन अभिभावकों का विश्वास इतने दिनों में जीता था, वह कमजोर हुआ है। पुलिस के खुलासे से पांच घंटे पहले पूरे मामले का खुलासा करने वाले प्रिंसिपल ध्रुव दास शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस में अपने बयान से पलट गए। उन्होंने कहा कि मीडिया को किसी भी तरह की जानकारी नहीं दी। जबकि उस प्रिंसिपल ने सुबह में ही मीडिया को बता दिया था कि नाजिया के बेटे ने विनय को मारा है। इसमें नाजिया भी शामिल हैं। किस तरह से हत्या की गई, इसकी भी जानकारी ध्रुव दास ने दी थी।
स्कूल में अब नाइट विजन कैमरे
चेयरमैन रोहित साहू ने बताया कि सफायर इंटरनेशनल स्कूल में सिक्यूरिटी सिस्टम को काफी दुरुस्त किया गया है। स्कूल में सभी जगहों पर नाइट विजन कैमरे लगाए गए हैं। एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जहां 24 घंटे सीसीटीवी फुटेज की मॉनिटरिंग की जाएगी।
पहले लोकल सिक्युरिटी गार्ड थे। अब उनकी जगह जी फोर के सुरक्षा गार्ड स्कूल में तैनात रहेंगे। सुबह सात और रात में सात सुरक्षा गार्ड तैनात रहेंगे। इनके साथ एक सुपरवाइजर भी हर समय तैनात रहेगा। कहने का मतलब है कि अब पूरे स्कूल कैंपस को आधुनिक सुरक्षा से लैस किया गया है। विनय की कैंपस मेें हुई मौत को स्कूल प्रबंधन ने काफी गंभीरता से लिया है।
स्कूल संचालक से बातचीत
सवाल : विनय के माता-पिता से अब तक आप क्यों नहीं मिले?
जवाब : विनय के माता-पिता से मिलने के लिए हम समय मांग रहे हैं। सभी का कहना है कि वे आक्रोश में हैं। मामला शांत होने के बाद ही आप उनसे मिले। यही वजह है कि मैं अभी तक नहीं मिला हूं।
सवाल : आप विनय के परिवार के लिए क्या करना चाहेंगे।
जवाब : विनय के माता-पिता जो चाहेंगे, हम वह करने के लिए तैयार हैं। विनय की मौत से पूरा स्कूल परिवार मर्मामत है।
सवाल : आरिफ को स्कूल से क्यों निकाला था?
जवाब : शिक्षिका नाजिया के पति आरिफ ने सोशल मीडिया पर एक स्टूडेंट्स को गलत मैसेज भेजा था। स्कूल प्रबंधन ने इस गंभीर नोटिस लिया और उसे हटा दिया।
सवाल: फिर भी शिक्षिका का पति आरिफ स्कूल में क्यों आता-जाता था।
जवाब : आरिफ की पत्नी और बच्चे हमारे स्कूल में हैंे। वे लोग स्कूल कैंपस में ही रहते हैं। इसलिए वह आता-जाता था। उसकी पत्नी नाजिया ने भी कहा था कि वह मार्च में इस्तीफा दे देंगी।
सवाल : मेडिकल जांच के दौरान नाजिया ने चिल्ला-चिल्ला कर कहा है कि उसे फंसाया जा रहा है। पेशी के बाद भी उसने यही बात दोहराई थी।
जवाब : रांची की पुलिस ने अपनी ओर से सही अनुसंधान किया है। जांच में जो सबूत मिले हैं, उसी के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। उन्हें फंसाया गया है, इसका जवाब मेरे पास नहीं है। बाकी का काम पुलिस और कोर्ट का है।
सवाल : लोगों का कहना है कि आप पैसे वाले हैं, आपने पूरा मामला सेट कर दिया, जो चाहा वैसी पुलिस ने जांच की।
जवाब : पुलिस ने पूरी तहकीकात की। जो बेगुनाह शिक्षक थे, उन्हें भी पुलिस पकड़ कर ले गई। तीन दिन बाद स्निफर डॉग आया, फारेंसिक ने फिर जांच की, तब मामले का खुलासा हुआ और आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।
सवाल : आप राज्य सरकार को क्यों नहीं पत्र लिखते की सीबीआई जांच हो।
जवाब : सीबीआई जांच हो या कोई भी जांच, अगर कोई यह कहता है कि यह जांच सही नहीं है तो हम सभी के लिए तैयार हैं। स्कूल प्रबंधन भी चाहता है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो।