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जमीन पर खाना खाने को मजबूर ये महिला, लोगों के लिए खर्च होते हैं 300 करोड़

5 वर्ष पहले
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रांची. झारखंड के सबसे बड़े गवर्नमेंट हॉस्पिटल रांची इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (रिम्स) में मरीजों के साथ जानवरों जैसा सलूक किए जाने का मामला सामने आया है। बुधवार को आर्थो वार्ड के कॉरिडोर में एक लावारिस महिला मरीज पलमति देवी को किचन स्टाफ ने फर्श पर ही खाना परोस दिया। दरअसल, उसके पास बर्तन नहीं थे। लोगों के लिए खर्च होते हैं 300 करोड़ और ऐसा है इस अस्पताल का हाल...
- रिम्स के आर्थो वार्ड के गलियारे में भर्ती ये महिला मरीज फर्श पर दाल-चावल खाने को मजबूर है।
- जब महिला ने किचन स्टाफ से खाना मांगा तो पहले उसे फटकारा। फिर उससे फर्श साफ कराया और वहीं दाल-चावल और सब्जी परोस कर चले गए।
- दरअसल, गरीब महिला के पास खाना लेने के लिए और खाने के लिए कोई बर्तन नहीं था।
- ये इस गरीब महिला की मजबूरी नहीं है, रिम्स की लाचारी है। सवाल उठता है कि क्या हॉस्पिटल में ऐसे मरीजों को खाना परोसने के लिए बर्तन भी नहीं है?
- हर साल रिम्स पर योजना और गैर योजना मद में लगभग 300 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। नई-नई चमचमाती बिल्डिंगें बनती जा रही हैं।
करोड़ों की मशीनें बन रही कबाड़
- करोड़ों की मशीनें कबाड़ में बदलती जा रही हैं। ऐसे में ये फोटो रिम्स मैनेजमेंट की पोल खोलती है।
- हम इस महिला का चेहरा इसलिए सामने नहीं ला रहे हैं, क्योंकि हमारा मकसद अस्पताल का असली चेहरा उजागर करना है।
क्या बोले रिम्स के डायरेक्टर?
- रिम्स के डायरेक्टर बीएल शेरवाल ने कहा, 'अमूमन ऐसा नहीं होता। लेकिन हमने मामले की जांच जांच शुरू कर दी है कि किसने महिला को जमीन पर खाना परोसा और उसे खाने के लिए मजबूर किया।'
आगे की स्लाइड्स पर देखें अस्पताल और रसोई की फोटोज...
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