रांची. सरकारी अस्पतालों में सरकार नि:शुल्क जांच व मुफ्त दवा उपलब्ध कराने का दावा करती है। लेकिन राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में यह दावा फेल है। यहां जांच के लिए आए मरीजों की जेब लगातार कट रही है। इसमें गरीब मरीज भी होते हैं।
रिम्स में सभी दवाएं तो दूर जांच में लगने वाली दवा भी मरीजों को बाहर से खरीदनी पड़ रही है। सीटी स्कैन और एमआरआई जांच में कंट्रास्ट न तो फ्री जांच के मरीजों को दिया जा रहा है, न ही फीस जमा कराने वाले मरीजों को ही।
जबकि कुछ साल पहले तक अस्पताल प्रबंधन की ओर से ही कंट्रास्ट उपलब्ध कराया जाता था। लेकिन प्रबंधन ने धीरे-धीरे दवाओं के ऑर्डर में कटौती करना शुरू किया और अब स्थिति ऐसी है कि कंट्रास्ट देना ही बंद कर दिया गया।
रिम्स में जांच का यह है रेट
सिटी स्कैन : रिम्स में इस जांच के लिए 800 से 3000 रुपए चुकाने होते हैं
एमआरआई :
इसके लिए मरीजों को 3500 रुपए शुल्क देना पड़ता है।
दोनों जांच की डाई के लिए 800 से दो हजार रुपए तक खर्च करने होते हैं।
कमीशन का है सारा खेल
सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए डाई या कंट्रास्ट खरीदने के लिए मरीज को रिम्स से फिक्स दवा दुकान में भेजा जाता है। वहां डाई खरीदने पर मरीज को कोई रसीद नहीं दी जाती है। बस डाई का पैकेट दे दिया जाता है। पांच सौ की डाई के लिए यहां आठ सौ से दो हजार रुपए तक लिए जाते हैं।
ओपीडी में भी नहीं लागू हुआ सिस्टम
रिम्स जीबी की 41वीं बैठक में निर्णय हुआ था कि ओपीडी में आने वाले मरीजों की सभी तरह की जांच नि:शुल्क की जाएगी। जनवरी में निदेशक ने इसके लागू होने की घोषणा भी कर दी। एक फरवरी से लागू होना था।
लेकिन अभी तक रिम्स के अधिकारियों व कर्मचारियों के पास इस आशय की सूचना तक नहीं भेजी गई है। रिम्स में मरीजों को सूचना देने के लिए जनवरी में ही जगह-जगह पोस्टर लगाना था। पर सिर्फ इमरजेंसी के पास एक छोटी सी पर्ची लगाई गई है।
इसे पढ़ने वाला जब फ्री जांच के लिए अधिकारियों के पास जाता है, तो उसे पर्ची कटाने के लिए वापस भेज दिया जाता है।
मरीज को पुर्जा देकर भेजा जाता है खास दुकान
पति को लेकर इलाज के लिए आई जीतनी देवी के पास बीपीएल कार्ड है। सोमवार को वह सीटी स्कैन कराने पहुंची, तो पुर्जा देकर दवा लाने को कहा गया। बताई गई दुकान पर जाने पर 1100 रुपए में डाई मिली।
भाई का सीटी स्कैन कराने आए कमल महतो ने कैश काउंटर पर पुर्जा कटाया। तीन हजार रुपए लगे। फिर रेडियोलॉजी विभाग में पर्ची देकर बाहर से डाई खरीदने को कहा गया। उन्हें भी एक किट के लिए 11 सौ रुपए चुकाने पड़े।
हम जल्द ही लागू करने की तैयारी में
सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए डाई नि:शुल्क देने की बात है। हम इसकी तैयारी कर रहे हैं। इसे जल्द लागू किया जाएगा। इसके बाद मरीज को डाई के लिए अलग से पैसे नहीं देने पड़ेंगे।
-डॉ. रघुनाथ, मेडिकल ऑफिसर, रिम्स।