रांची. जल संसाधन मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने कहा कि अंतरराज्यीय नदी जोड़ने के लिए बननेवाले विस्तृत कार्य प्रतिवेदन (डीपीआर) के खर्च का वहन झारखंड सरकार नहीं कर सकेगी। इसका खर्च केंद्र वहन करे। वे सोमवार को नदियों को जोड़ने की योजना को लेकर बनी विशेष समिति की आठवीं बैठक में बोल रहे थे।
बैठक नई दिल्ली के विज्ञान भवन में केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती की अध्यक्षता में हुई। इसमें कई राज्यों के जल संसाधन मंत्रियों व विशेषज्ञों ने भाग लिया।
90 फीसदी खर्च वहन करे केंद्र
चंद्रप्रकाश ने योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए राशि की उपलब्धता को लेकर एक स्पष्ट नीति बनाने की पुरजोर वकालत की और कहा कि इस तरह की योजनाओं को जहां राष्ट्रीय योजनाओं का दर्जा दिया जाना चाहिए। केन्द्र को योजना पर खर्च होनेवाली कुल राशि का 90 प्रतिशत खर्च का वहन स्वयं करना चाहिए।
नदियां जुड़ीं तो 50 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई
दक्षिण कोयल नदी को स्वर्णरेखा नदी से, शंख नदी को दक्षिण कोयल नदी से तथा दामोदर व बराकर नदी को स्वर्णरेखा नदी से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इससे 3050 क्यूबिक मीटर पानी उपलब्ध होगा। 50 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई हो सकेगी।
653 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगामंत्री ने डीपीआर तैयार करने के पहले एनआईएच से योजनाओं का जलीय अध्ययन करने का स्वागत किया।