टाटा ने बेच दी सरकारी जमीन, झारखंड को 4762 करोड़ की चोट पहुंचाई : सीएजी / टाटा ने बेच दी सरकारी जमीन, झारखंड को 4762 करोड़ की चोट पहुंचाई : सीएजी

सीएजी की रिपोर्ट विधानसभा में पेश, 11676 करोड़ राजस्व के नुकसान का खुलासा। एक्सएलआरआई समेत कई संस्थानों और लोगों को गलत तरीके से सबलीज पर दे दी जमीन।

bhaskar News

Feb 03, 2017, 01:14 AM IST
प्रेस कॉन्फ्रेंस में महालेखा प्रेस कॉन्फ्रेंस में महालेखा
रांची. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने झारखंड को 11,676 करोड़ रुपए राजस्व का नुकसान होने का खुलासा किया है। इनमें सिर्फ टाटा प्रबंधन के कारण 4762 करोड़ का नुकसान हुआ। सरकार ने भी इनमें से 99 फीसदी को सही माना।

संसदीय कार्य मंत्री सरयू राय ने वर्ष 2015-16 के राजस्व प्रबंधन पर सीएजी की रिपोर्ट गुरुवार को विधानसभा में पेश की। रिपोर्ट में टाटा व डीवीसी समेत कई कंपनियों और सरकार के राजस्व उगाही करने वाले विभागों के कार्यकलापों पर गंभीर टिप्पणी की गई है। इसमें कहा गया है कि 11,676 करोड़ रुपए के नुकसान में से 10,282 करोड़ रुपए अभी भी वसूले जा सकते हैं। शेष 1394 करोड़ रुपए की वसूली संभव नहीं है।
महालेखाकार (ऑडिट) सी नेदुच्छेदियन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि टेस्ट चेक और परफॉर्मेंस ऑडिट में पता चला कि टाटा स्टील और डीवीसी ने अनधिकृत रूप से सरकारी जमीन बेच दी। लीज खत्म होने के बाद भी 2547 एकड़ जमीन का उपयोग किया। इससे सरकार को 3969 करोड़ का नुकसान हुआ।
इन्हें दी जमीन
-टाटा ब्लू स्कोप स्टील बिल्डिंग
-डीवीसी जमशेदपुर
-रेडक्रॉस सोसाइटी
-टाटा रॉबिंस फ्रेजर
किससे कितना नुकसान
टाटा 4762 करोड़
डीवीसी 30 करोड़
वाणिज्यकर 2150 करोड़
उत्पाद 58 करोड़
परिवहन 20 करोड़
खान भूतत्व 600 करोड़
अन्य कर 4056 करोड़
लाफार्ज को बेच दी जमीन
टाटा स्टील ने जोजोबेड़ा में लीज की 123 एकड़ जमीन पर एक सीमेंट प्लांट लगाया था। नवंबर 1999 में इस प्लांट को 500 करोड़ रुपए में लाफार्ज इंडिया को बेच दिया। इस जमीन की जमशेदपुर रजिस्ट्री आफिस में रजिस्ट्री भी हो गई। इससे सरकार को 975 करोड़ का राजस्व नुकसान हुआ है।
1856 एकड़ जमीन सरकार को नहीं मिली वापस
डीएजी अजय कुमार झा ने बताया कि टाटा को 12,708 एकड़ जमीन लीज पर मिली थी। उसे सबलीज और बेचने का अधिकार नहीं था। लेकिन उसने सरकार की सहमति से 144 एकड़ जमीन 200 लोगों और कंपनियों को सबलीज पर दे दी। इससे करीब 200 करोड़ का राजस्व नहीं मिला। वर्ष 1996 में 12,708 एकड़ जमीन की लीज खत्म हो गई थी। 2005 में नवीकरण किया। सरकार को 1856 एकड़ वापस नहीं मिली तो 10852 एकड़ का ही नवीकरण कर उसे लीज पर दे दी।
टाटा लीज की जमीन धड़ल्ले से बिकी और बन गए अपार्टमेंट
विधानसभा में पेश सीएजी की ऑडिट रिपोर्ट में टाटा लीज की जमीन की बिक्री और उसकी खुलेआम रजिस्ट्री होने का मामला सामने आया है। सीएजी ने लीज व पट्टे की जमीन का विवरण वेबसाइट पर जारी करने और उसकी रजिस्ट्री पर रोक लगाने के लिए मुक्कमल इंतजाम करने का सुझाव दिया है। रिपोर्ट में है कि वर्ष 2010-11 से 2014-15 के बीच टाटा लीज का 21 प्लॉटों की बिक्री हुई है। जिसे सब लीज पर जमीन मिला उसने ही अधिकारियों से मिली भगत कर जमीन की खरीद बिक्री कर ली। बाद में ऐसी जमीनों पर अपार्टमेंट भी बन गए। 4.31 एकड़ जमीन पर बने अपार्टमेंट के फ्लैटों की रजिस्ट्री भी हो रही है। टाटा प्रबंधन ने लीज की 200 एकड़ जमीन जो विभिन्न लोगों और संस्थाओं को दिया गया है, उसमें एक्सएलआरआई समेत कई प्रतिष्ठित संगठन और कार्यालय के नाम हैं।
इन कंपनियों को टाटा ने दे दी सबलीज
रूटस कॉरपोरेशन लिमिटेड, स्टील स्ट्रिप्स व्हील लि., टाटा ब्लू स्कोप स्टील बिल्डिंग सोल्यूशन प्रा.लि., राज योग प्रशिक्षण केंद्र, शैलेंद्र कुमार, श्री साईं सेंटर जमशेदपुर, एक्सएलआरआई जमशेदपुर, केरल समाजम जमशेदपुर, शम्सुद्दीन खान, राजस्थान मैत्री संघ, राम कृष्ण मिशन विवेकानंद सोसाइटी, सिंहभूम होम्योपैथिक कॉलेज व अस्पताल, केंद्रीय जल आयोग जमशेदपुर, दामोदर घाटी कॉरपोरेशन जमशेदपुर, ऑर्थोडोक्स सिरिन चर्च जमशेदपुर, रामकृष्ण मिशन विवेकानंद सोसाइटी, भारतीय रेड क्रास सोसाइटी, पंजाबी समाज जमशेदपुर, संध्या सम्मेलनी जमशेदपुर, आंध्र भक्त कोलाटा समाजम जमशेदपुर, में. डीपी बोधनवाला, भारत सेवाश्रम संघ, टाटा रॉबिंस फ्रेजर कं., आयकर विभाग, आयकर विभाग कर्मचारी गृह निर्माण, एम एंड एम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लिमिटेड, आईओसी, सेंटर फॉर इनर रिसोर्स डेवलपमेंट, एक्सएलआरआई जमशेदपुर, भारतीय रेड क्रास सोसाइटी, मे.हाई टेक हेरिटेज लिमिटेड, मे. जमशेदपुर युटीलिटिज ऑफ सर्विस कंपनी लिमिटेड, चिल्ड्रन ऑफ रामकृष्ण फोर फिलंथ्रोपिक आर्गनाइजेशन , पर्यावरण प्रबंधन एवं अध्ययन संस्थान, मे. अंबे इंडेन जमशेदपुर, जमशेदपुर कोल्ड स्टोरेज, मे.प्रीमियम रेसीडेंसी प्रा. लिमिटेड, मे. मोटल्स प्रा. लिमिटेड, टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स, मे. सुपर सेंटर, जयंतीलाल विंग एवं अन्य, कुशल इंडेन, वीटीएल लियाओ, रघुवीर सिंह भाटिया एवं अन्य, आरएच अमीन, मे. नरेश कुमार एंड संस, फॉर्चून होटल सेंटर प्वाइंट, साईं कृपा शंकर एवं अन्य, कौशल कंचन कंस्ट्रक्शन प्रा. लिमिटेड, मे. सिटी स्क्वैयर प्रोजेक्ट प्रा. लिमिटेड, सिंह इंडेन सेवा, किशोर कुमार स्टोर , बिंदलाल बिल्डकॉन लिमिटेड, मे. ऋषिराज होम्स प्रा. लिमिटेड, मे. टीके इंडिया रियल एस्टेट, एपेक्स कंस्ट्रक्शन एंड माइनिंग।
सीएजी रिपोर्ट में ये बातें
-टाटा लीज और खास महाल जमीन की अनियमितता को बताया गंभीर
-हुए राजस्व नुकसान में अभी भी 10282 करोड़ है वसूलनीय , 1394 करोड़ रुपए की वसूली संभव नहीं है।
-एजी ने कहा-राज्य सरकार ने 99 फीसदी गड़बड़ी को सही माना है
-टाटा लीज के 69 एकड़ जमीन का अता पता नहीं, नवीकरण में1856 एकड़ को कम कर दिया सरकार ने।
कोयले का कम दर दिखा 446 करोड़ का किया नुकसान
टाटा स्टील के वेस्ट बोकारो कोलियरी से अस्वीकृत कोयले की बिक्री में भी गड़बड़ी करने के मामले सामने आए हैं। अधिक मूल्य पर बेचे गए कोयले का रेट कम दिखाने से राज्य सरकार को 446 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। सीएजी रिपोर्ट में कहा गया है कि रामगढ़ जिला खनन कार्यालय का ऑडिट करने में वर्ष 2008-09 से 2014-15 की रिपोर्ट में गड़बड़ी पाई गई है। 221 लाख मिलियन टन मिडलिंग, टेलिंग और अस्वीकृत कोयले को जितना में बेचा गया, उससे कम दर बताया गया है। इससे सरकार को कम राजस्व मिला।
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