ऐसे चलता है टेंडर मैनेज का खेल
ऐसे चलता है टेंडर मैनेज का खेल
भवननिर्माण विभाग में कमीशन के लिए इंजीनियर ठेकेदारों के साथ टेंडर मैनेज का गोरखधंधा करते हैं। ठेकेदारों से कार्य पूर्व में ही शुरू करा लिया जाता है। उसके बाद होता है टेंडर। टेंडर में प्रस्तावित कार्यों के लिए जब कोई अनजान ठेकेदार टेंडर पेपर खरीदने जाते हैं, तो उन्हें बताया जाता है कि काम पहले ही किसी को दिया जा चुका है। अफसर ठेकेदारों के लिए कार्य को मैनेज करते हैं। दूसरे इच्छुक लोगों को आश्वासन करते हैं कि उन्हें बाद में काम दिया जाएगा। बदले में अफसर ठेकेदारों से कमीशन के रूप में मोटी रकम वसूलते हैं। इसका खुलासा निगरानी जांच में हो चुका है। रांची में पदस्थापित एक कार्यपालक अभियंता को लाखों रुपए के साथ गिरफ्तार भी किया जा चुका है। इसके बाद भी भवन निर्माण की कार्यसंस्कृति नहीं सुधर रही।