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12वीं पंचवर्षीय योज

6 वर्ष पहले
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प्रशिक्षण देने वाली सिविल सोसाइटी एनजीओ को कौशल उन्नयन कार्यक्रमों में तीन साल का अनुभव प्राप्त होना चाहिए। युवक-युवतियों के साथ महिलाओं को जुटाने की क्षमता हो। केंद्र या राज्य के किसी विभाग द्वारा काली सूची में संगठन को नहीं डाला गया हो। पर्याप्त कक्षाएं, प्रदर्शन सुविधाएं, कंप्यूटर, बिजली, पानी और जेनरेटर के साथ अन्य सुविधाएं आवश्यक हैं। प्रशिक्षण देने वाले संगठनों को 75 प्रतिशत प्लेसमेंट की गारंटी देना होगा।


12वीं पंचवर्षीय योजना के तहत अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने सीखो और कमाओ योजना के तहत अल्पसंख्यक युवक-युवतियों को कौशल प्रशिक्षण देकर उनकी बेरोजगारी को दूर करना है। इसके साथ योजना का उद्देश्य अल्पसंख्यकों के पारंपरिक कौशलों का संरक्षण कराने के साथ उनको बाजार से जोड़ना। युवाओं को प्लेसमेंट सुनिश्चित करके बीच में पढ़ाई छोड़ने वालों को संख्या में कमी लाना और आजीविका के बेहतर साधन पैदा कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है। बढ़ते बाजार में अवसरों का लाभ उठाने में अल्पसंख्यकों को सक्षम बनाकर देश के लिए सशक्त मानव संसाधन तैयार करना भी है।

क्या होगा लाभ

कौन दे सकते हैं प्रशिक्षण

क्या है योजना

डीबी स्टार >रांची

केंद्रीयअल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा अल्पसंख्यकों के लिए चलाए जा रहे कौशल विकास पहल का लाभ राज्य के युवक-युवतियों को नहीं मिल रहा है। सीखो और कमाओ नामक योजना की शुरुआत जून 2013 में हुई। देश के कई राज्य इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। लेकिन दो साल गुजरने के बाद भी यहां के युवकों को रोजगार से जोड़ने की कवायद शुरू नहीं हो पाई। 14 से 35 वर्ष की आयु के युवकों के लिए शुरू की गई योजना का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। इसके बाद भी जिम्मेवार तो योजना को धरातल पर उतारने का प्रयास कर रहे हैं और ही इसका प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।

अल्पसंख्यक युवक-युवतियों को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जाना था

लापरवाही

सीखो और कमाओ योजना धरातल पर नहीं उतरी

लागू होगी योजना

सीखोऔर कमाओ योजना के संबंध में जानकारी लूंगी। अल्पसंख्यकों के कौशल विकास के लिए शुरू की गई योजना अगर राज्य में नहीं चल रही है तो इसे फौरन शुरू करवाया जाएगा। राज्य के विकास में कोई कसर बाकी नहीं रहेगी। केंद्र की सभी योजनाएं लागू होंगी।

डॉ.लुईस मरांडी, मंत्री,कल्याण विभाग