नियमों की अनदेखी से हो रहे हादसे
रिम्समें करीब 250 करोड़ की लागत से बन रहे भवनों में नियमों का उल्लंघन हो रहा है। मल्टी स्टोरेज बन रही बिल्डिंगों में हजारों स्क्वायर फीट छत की ढलाई बांस-बल्ली के सहारे हो रही है। यही कारण है कि यहां दुर्घटनाएं भी हो रही हैंै। रिम्स में नियमों की अनदेखी पर स्वास्थ्य सचिव के विद्यासागर ने जांच के आदेश दिए हैं। 23 जनवरी को रिम्स में बन रहे निर्माणाधीन पारामेडिकल काॅलेज की सेंटरिंग गिरने और इसमें घायल हुए मजदूरों के संबंध में रिम्स निदेशक डॉ. एसके चौधरी से रिपोर्ट मांगी गई है। विभागीय उप सचिव बसंत कुमार भट्टाचार्य की अोर से इस संबंध में पत्र जारी किया गया है।
क्याहै शिकायत
स्वास्थ्यसचिव की मिली शिकायत में कहा गया है कि हेल्थ विभाग की ओर से चल रहे सिविल प्रोजेक्ट में आयरन पाइप और प्लेट के बदले बांस और बल्ली का प्रयोग किया जा रहा है। भवन निर्माण के लिए किए गए एग्रीमेंट में भी आयरन पाइप और प्लेट का इस्तेमाल किए जाने का प्रावधान है। हालांकि ठेकेदार इसका पालन नहीं कर रहे हैं।
रिम्स परिसर में बन रही िबल्डिंग में उपयोग की जा रही बांस-बल्ली।
नहीं है कोई जानकारी
निर्माणकर्ताएजेंसी आयरन रड और प्लेट तथा बांस-बल्ली दोनों से ढलाई और निर्माण कार्य कर सकती है, बशर्ते निर्माण मजबूत होना चाहिए। निर्माणाधीन पारामेडिकल भवन की सेंटरिंग गिरने की जांच के संबंध में अभी कोई जानकारी नहीं है।
जोधनमुंडा, कार्यपालकअिभयंता, इंजीनियरिंग विंग, स्वास्थ्य विभाग
> आयरन पाइप और प्लेट के बदले बांस और बल्ली के जरिए हो रही छतों की ढलाई।
> 23 जनवरी को छत की सेंटरिंग िगरने के कारण चार मजदूर हो गए थे गंभीर रूप से घायल।
गिर गई थी पारामेडिकल काॅलेज भवन की सेंटरिंग