पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • थोड़ा और समय मिलता तो..

थोड़ा और समय मिलता तो..

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
वर्दवान कंपाउंड से जीतेंद्रकुमार

स्थानहॉली क्रास मांटेसरी स्कूल, वर्दवान कंपाउंड। यहां रांची विस क्षेत्र संख्या 63 के चार बूथ। 293 से 296 तक। स्कूल के ठीक सामने बेल का पेड़। नीचे दलों के एजेंट टेबल लगाए बैठे हैं। भाजपा की टेबल पर सबसे अधिक भीड़ है। भाजयुमो के नेता पवन कुमार सिंह वहां आनेवाले मतदाताओं को मदद कर रहे हैं। बगल में ही झामुमो की भी टेबल लगी है। वहां भी पर्ची लेने की हड़बड़ी है। बगल में कुछ लोग खड़े हैं। उनमें कुछ मतदान कर चुके हैं, तो कुछ पार्टी के बूथ मैनेजर हैं। चर्चा जारी है।

अरे इधर को कांग्रेस का कुछ दिख ही नहीं रहा है। क्या कभी ज्ञानरंजन का जमाना था। कांग्रेसी यहां जोश में हुआ करते थे। दूसरा टपकता है। बॉस इस बार तो सीपी भैया के बाद महुआ माजी ही दिखती है। तीसरा फटाक से जवाब देता है। अरे हम अभी-अभी अपर बाजार के इलाके से रहे हैं। वहां तो सुरेंद्र सिंह के घर के बगल वाले बूथ पर भी उसकी स्थिति गड़बड़ दिखी। अपर बाजार के कुछ बूथों पर तो कांग्रेस प्रत्याशी के विरुद्ध भारी नाराजगी थी। चौथा बताता है। अभी थड़पखना के एक बूथ पर गए थे। वहां वर्मा ने बताया कि उसे सुबह में छह बजे कांग्रेस ने बूथ लिस्ट थमाया। इसी बीच एक गणमान्य टपकते हैं। अरे जानते हैं झामुमो ने हर बूथ पांच दिया तो भाजपा ने तीन-साढ़े तीन। टेंपो खर्च कुछ अलग से। कांग्रेस ने डेढ़-दो में सलटा दिया। रातू रोड इलाके में तो भाजपा ही भाजपा दिखी, लेकिन खादगढ़ा इलाके में तीर-धनुष का भी जोर था। अरे भाई महुआ माजी ने ढंग से चुनाव लड़ा। उसकी बात को काटते हुए दूसरे सज्जन ने कहा, महुआ नहीं झामुमो। बात बढ़ती गई। इसी तरह चुनाव पर चर्चा होती रही।