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जालिम के नहीं, मजलूम के हिमायती बनें : मौलाना हैदर

7 वर्ष पहले
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मातमी जुलूस में जंजीरी मातम कर इमाम-ए-हुसैन को श्रद्धांजलि देते लोग।

भास्कर संवाददाता | रांची

दुनियाके हर मुल्क में हुसैन का गम मनाया जाता है। इस मजलिस-ए-गम से हम दुनिया को आवाज देना चाहते हैं कि वे जालिम के नहीं, बल्कि मजलूम के हिमायती बनें। उक्त बातें मौलाना जहीन हैदर बनारसी ने कही। वे रविवार को चैहल्लुम के मौके पर आयोजित शिया समुदाय के मातमी जुलूस को खिताब कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में आतंकवाद का जो ग्राफ बढ़ा है, उसका मुख्य कारण इंसान की लूटने की फितरत। आज इंसान सिर्फ लूटना जानता है लुटाना नहीं जानता। चैहल्लुम का यह मातमी जुलूस विश्वकर्मा मंदिर लेन स्थित अनवर हुसैन ऑर्केड से निकाला गया, जो कर्बला पर जाकर समाप्त हुआ। टैक्सी स्टैंड के पास लोगों ने जंजीरी मातम कर इमाम-ए-हुसैन को दी श्रद्धांजलि। जुलूस में डॉ. शमीम हैदर, तनवीर अनवर, इंतेखाब अब्बास, एहतेशाम अब्बास, फराज अब्बास, तनवीर हसन, मसूद अख्तर, शबीर अहमद आदि शामिल थे।