मतदान के बाद बदली दिनचर्या
जीत का ऊंट किस करवट बैठेगा यह तो 23 दिसंबर को पता चलेगा। जहां-जहां मतदान हो गए हैं, वहां अब हिसाब-किताब का दौर चल रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं। नेताओं के बयान में वादों की जगह दावों ने ली है। कुछ अब भी सभाएं कर रहे हैं, तो कुछ क्षेत्र में जाकर अपने खूंटे की गहराई माप रहे हैं। कुछ नेता बुधवार को अपने परिवार के बीच ही रहे। घर में कार्यकर्ता आते-जाते रहे। भरोसा-दिलासा जताते रहे। रांची और आसपास के प्रत्याशियों ने मतदान के बाद अपना दिन कैसे बिताया बता रहे हैं भास्करके फोटो जर्नलिस्ट।