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चुनाव कार्य से हटाने की मांग की याचिका वापस
एक सप्ताह में हो टाटा लीज का नवीकरण : कोर्ट
योगेंद्र साव की याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई
चोरदहा पंचायत में जल्द बिजली पहुंचाने का आदेश
टाटास्टील की नोवामुंडी आयरन ओर माइनिंग लीज के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को एक सप्ताह में उत्खनन का आदेश जारी करने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर 18 दिसंबर से टाटा उत्खनन करने को स्वतंत्र होगा। टाटा स्टील की याचिका पर सुनवाई के बाद जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने गुरुवार को यह आदेश जारी किया। इस मामले में दो दिसंबर को सुनवाई के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने माइंस एंड मिनरल्स डेवलपमेंट रूल्स की धारा 8 (3) के तहत सरकार को आदेश जारी करने को कहा है।
उल्लेखनीय है कि टाटा स्टील ने माइंस को बंद किए जाने के संबंध में जारी सरकार के आदेश को कोर्ट में चुनौती दी थी और लीज नवीकरण का आदेश पारित करने का आग्रह किया था। सरकार की ओर से बताया गया था कि सरकार ने कैबिनेट की बैठक में चार कंपनियों के लीज नवीकरण का निर्णय लिया है। इसके लिए शर्तें निर्धारित की गई हैं। इसके बाद पुन: सरकार की ओर से बताया गया कि राज्य में आचार संहिता लगने के कारण चुनाव आयोग की अनुमति के बिना लीज नवीकरण नहीं किया जा सकता। वहीं टाटा स्टील ने खदान बंद होने से होने वाले नुकसान का हवाला देते हुए तथा गलत तरीके से उत्खनन बंद कराने की बात कह उत्खनन करने की अनुमति कोर्ट से मांगी थी।
1922में टाटा को मिली थी माइनिंग लीज : एकीकृतबिहार में वर्ष 1922 में टाटा स्टील को पश्चिम सिंहभूम की नोवामुंडी माइंस दी गई थी। लीज तीस वर्षों के लिए थी। पहला लीज नवीकरण 1952 तथा दूसरा लीज नवीकरण 1982 में हुआ था। 31 दिसंबर 2011 को टाटा की लीज समाप्त हो गई, पर इसके पहले कंपनी ने नवीकरण का आवेदन सरकार को दिया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बने एमएमडीआर एक्ट के संशोधनों के आधार पर राज्य सरकार ने तीन सितंबर के आदेश से टाटा के उत्खनन को बंद करा दिया है। यह माइंस 1160.36 हेक्टर क्षेत्र में है तथा टाटा से उत्पादित होने वाले स्टील के साठ प्रतिशत अयस्क की पूर्ति इसी माइंस से होती है। टाटा ने सरकार के आदेश को कोर्ट में चुनौती दी थी।
रांची | उग्रवादीसंगठन बनाने और आर्म्स देने समेत अन्य आरोपों में गिरफ्तार पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की क्वैशिंग याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में अगल