सफलता के लिए एकाग्रता जरूरी: डॉ. भगत
रांचीविश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एल एन भगत ने कहा है कि यूथ फेस्टिवल छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए काफी आवश्यक है। यह सच है कि एकेडमिक परीक्षा से ज्यादा एकाग्रता सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में सफलता के लिए आवश्यक होती है। जो विद्यार्थी सांस्कृतिक और खेल प्रतियोगताओं में सफल होते हैं वे एकेडमिक परीक्षाओं में भी सफलता प्राप्त करते हैं। ऐसे में छात्र-छात्राओं में काफी एकाग्रता के साथ यूथ फेस्टिवल में भाग लेना चाहिए। डॉ. भगत शुक्रवार को आर्यभट्ट सभागार में तीन दिवसीय रांची यूनिवर्सिटी इंटर कालेज यूथ फेस्टिवल-2014 के उद्घाटन मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।
इस मौके पर प्रतिकुलपति डॉ .एम रजीउद्दीन, कुलसचिव अमर कुमार चौधरी, वित्त परामर्शी एसएस संधु, डीएसडब्ल्यू एससी गुप्ता, रांची महिला काॅलेज की प्राचार्य डॉ. मंजू सिन्हा, रांची कालेज के प्राचार्य डॉ. यूसी मेहता उपस्थित थे। अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की।
छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए डॉ. भगत ने कहा कि इंटर कालेज यूथ फेस्टिवल में अच्छा करने वाले छात्र-छात्राएं जोनल और फिर राष्ट्रीय यूथ फेस्टिवल में हिस्सा लेंगे। ऐसे में छात्र-छात्राओं के बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
क्या कहते हैं स्टूडेंट्स
यूथफेस्टिवल आज के युवा के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बेहतर जरिया है। एक मंच पर कई कॉलेज के स्टूडेंट्स खुद को साबित करते हैं। यह कहना है रांची कॉलेज के बीएससी के छात्र राकेश रंजन का। वहीं गोस्सनर कॉलेज की छात्रा संगीता कहती है कि ऐसे आयोजनों से युवाओं का आपस में तालमेल बढ़ता और कम्यूनिकेशन स्किल बेहतर होता है। दूसरे कॉलेजों के स्टूडेंट्स से बातकर उनकी संस्कृति और विचारों को जानने का मौका मिलता है। मांडर कॉलेज के छात्र महेंद्र कच्छप कहते है कि फेस्टिवल में हमारे देश की संस्कृति से जुड़े हुए होते हैं। हमारे देश समाज की संस्कृति को बचाए रखने उस संस्कृति को आगे अपने बच्चों तक पहुंचाने के लिए यूथ फेस्टिवल एक अच्छा मंच है। इसके माध्यम से हमें अपनी संस्कृति के कई पहलुओं को भी जानने का मौका मिलता है।
यूथ फेस्टिवल में शामिल कॉलेज
बीएनजालान कॉलेज सिसई, बिरसा कॉलेज खूंटी, डोरंडा कॉलेज डोरंडा, गोस्सनर कॉलेज, जेएन कॉलेज धुर्वा, केवी भगत कॉलेज बेड़ो, केओ कॉलेज गुमला, म