दोबारा नीलामी का रास्ता साफ
22 दिसंबर को होगी सुनवाई
कोड़ा समेत 7 के खिलाफ चार्जशीट
कोयलाघोटाला मामले में सीबीआई ने शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, राज्य के पूर्व मुख्य सचिव अशोक कुमार बसु और पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता सहित सात लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है।
यह चार्जशीट विशेष सीबीआई जज भरत पराशर की काेर्ट में दायर की गई। इसमें दो अिधकारी बसंत कुमार भट्टाचार्य विपिन बिहारी सिंह, विन्नी आयरन एंड स्टील उद्योग लिमिटेड के निदेशक वैभव तुलस्यान और विजय जोशी शामिल हैं। इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र), 420 (धोखाधड़ी) और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया है। सीबीआई ने इन सभी के खिलाफ सितंबर 2012 में केस दर्ज किया था। मामले की अगली सुनवाई 22 दिसंबर को होगी।
क्लोजर रिपोर्ट पर फैसला 16 को
नईदिल्ली| हिंडाल्कोकोल ब्लॉक से जुड़े मामले में विशेष कोर्ट उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला और पूर्व कोयला सचिव दीपक पारख के खिलाफ सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर 16 दिसंबर को फैसला सुनाएगी। सीबीआई जज पराशर ने कुछ स्पष्टीकरण मांगे हैं। यह मामला 2005 में ओड़िशा के तलबीरा दो और तीन कोल ब्लॉक हिंडाल्को को आवंटित करने से संबंधित है।
गलत तरीके से हुआ था आवंटन
तीनजुलाई 2008 को स्क्रीनिंग कमेटी की 36वीं बैठक हुई। इसमें एके बसु ने विन्नी आयरन एंड स्टील को राजहरा में कोल ब्लॉक का आवंटन कर दिया। आरोप है कि बसु ने बगैर राज्य सरकार की मंजूरी के स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में इसकी अनुशंसा कर दी। जबकि, विन्नी आयरन एंड स्टील को इस्पात मंत्रालय ने कोल ब्लॉक के लिए अनुशंसा नहीं की थी।
राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के कार्यकाल में झारखंड के राजहरा नॉर्थ, सेंट्रल ईस्टर्न के कोल ब्लॉक का आवंटन कोलकाता की कंपनी विन्नी आयरन एंड स्टील उद्योग को किया गया था। भूगर्भ सर्वेक्षण विभाग की रिपोर्ट में कहा गया था कि इस इलाके में 17.09 मिलियन टन कोयला है। इसके आवंटन के लिए बनी स्क्रीनिंग कमेटी में तत्कालीन मुख्य सचिव एके बसु भी थे। इसके अलावा दो अिधकारी बसंत कुमार भट्टाचार्य विपिन िबहारी सिंह की भूमिका भी संदिग्ध रही थी। इसलिए सीबीआई ने इन दोनों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति लेकर चार्जशीट दाखिल की है।
कोल इंडिया का नहीं होगा निजीकरण
बहसका जवाब देते हुए कोयला मंत्री पीयूष गोयल न