भाई ने उजाड़ा बहन का सुहाग
ओरमांझी के सांडी गांव निवासी महेंद्र करमाली की उसकी प|ी वसुंधरा के भाई मुकेश महतो ने रांची के विष्णु गली में गोली मारकर हत्या कर दी। इससे सांडी गांव में मातम छा गया है। वसुंधरा के साथ शादी करने के बाद पिछले छह माह से महेंद्र रांची में डॉक्टर्स कॉलोनी बरियातू के निकट किराए के मकान में रहता था। शादी कर लेने के बाद से ही गांव में विरोध शुरू हो गया था। इस डर से महेंद्र ने गांव छोड़ दिया था, क्योंकि गांव की पंचायत ने भी तय किया था कि दोनों को समझा कर अलग किया जाए।
हत्या के बाद से महेंद्र की प|ी वसुंधरा देवी (25 वर्ष) के आंसू थम नहीं रहे हैं। जिस उम्मीद के साथ उसने महेंद्र के साथ जीवन भर साथ रहने की कसम खाई थी, वह ठीक से शुरू होने से पहले ही अचानक खत्म हो गई। उसकी मांग उजाड़ने में उसका ही बड़ा भाई शामिल होगा, ऐसा उनसे सपने में भी नहीं सोचा था। वसुंधरा अपने पति के शव के पास बैठी शून्य को निहार रही थी। मानो कह रही हो अपनी मर्जी से शादी करने की इतनी बड़ी सजा क्यों मिली? वसुंधरा सुहाग उजड़ने के लिए अपने भाई और चाचा को ही जिम्मेदार ठहरा रही है। पांच माह की गर्भवती वसुंधरा बार-बार बेसुध हो रही थी।
अकेला कमाऊ पूत था महेंद्र
महेंद्र का बिलखता भाई
धू-धू कर जलता मुकेश का घर।
उत्तेजित लोगों ने आरोपी का घर जला दिया
विरोध में शव के साथ सड़क जाम
घटनाके विरोध में सांडी गांव के लोगों ने महेंद्र के शव के साथ शाम साढ़े चार बजे से ओरमांझी-सिकिदरी मुख्य मार्ग जाम कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। जाम करने वालों में महिलाओं की संख्या ज्यादा थी, जो काफी उग्र थीं। सभी आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे। पुलिस के आश्वासन के बाद देर शाम सड़क जाम हटाया गया।
महेंद्र घर का बड़ा बेटा था। वह पेशे से पेंटर था। घरों में रंग-रोगन का काम करता था। इस काम के लिए उसने एक टीम बनाई थी, जिसमें दोनों सगे भाई मनीष और धर्मेंद्र के अलावा गांव के दस युवक भी जुड़े थे। महेंद्र काम का ठेका लेता था। टीम महेंद्र के नेतृत्व में काम करती थी।
शाम चार बजे जैसे ही महेंद्र का शव ओरमांझी में उसके सांडी गांव पहुंचा, ग्रामीण उत्तेजित हो गए और आरोपी मुकेश महतो के घर में आग लगा दी। आगजनी में आरोपी मुकेश के खपरैल घर का अधिकांश हिस्सा जल कर नष्ट हो गया। घर में ही मुकेश की जेनरल स्टोर क