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रांची. अधिकतरअखबार पर्सनल गुड्स के लिए लिखने लगे हैं। अब

7 वर्ष पहले
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रांची. अधिकतरअखबार पर्सनल गुड्स के लिए लिखने लगे हैं। अब समाचार पत्र समाचारों का माध्यम नहीं रहे। जबकि सामाजिक मुद्दों को सामने लाना ही वास्तविक पत्रकारिता है। बेहतर यही होगा कि समाचार पत्र जन संवाद का माध्यम बनें। ये बातें भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सांसद भूपेंद्र यादव ने कहीं। वे शनिवार को श्री कृष्ण लोक प्रशासन संस्थान में आयोजित हिंदुस्थान समाचार एजेंसी के वार्षिकोत्सव को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।

कार्यक्रम का संचालन विषय प्रवेश प्रवर समिति के सचिव पंकज वत्सल ने कराया। मौके पर एजेंसी के ब्यूरो प्रमुख मंगल पांडेय और पंकज वत्सल द्वारा संपादित सोविनियर झारखंड की पत्रकारिता का विमोचन भी किया गया। धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष डॉ. रश्मि ने किया।

खोजीपत्रकारिता लोकतंत्र की रक्षक : लक्ष्मी

एटीआईसभागार में भारतीय पत्रकारिता की चुनौतियां एवं संभावनाएं विषय पर गोष्ठी में हिंदुस्थान समाचार के राष्ट्रीय प्रभारी लेखक लक्ष्मी नारायण भाला ने कहा कि खोजी पत्रकारिता ही लोकतंत्र की रक्षक हो सकती है। वरिष्ठ पत्रकार बलबीर दत्त ने भी अपने विचार रखे।

हिंदुस्थान समाचार एजेंसी का मना वार्षिकोत्सव