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अपना छोड़, दूसरे स्कूल में पढ़ने को मजबूर छात्र
राजधानीके सरकारी स्कूलों पर कब्जा है, जिसे शिक्षा विभाग मुक्त नहीं करा पा रहा है। नतीजा यह है कि स्कूल में नए भवन का निर्माण नहीं हो रहा है। यही नहीं स्कूल के बच्चों की पढ़ाई भी कब्जे के कारण प्रभावित हो रही है। जबकि ये स्कूल शिक्षा विभाग के जिला अधीक्षक कार्यालय से दो किमी की दूरी पर है। राजकीयकृत प्राथमिक विद्यालय, चरखा मंदिर के आसपास के खाली क्षेत्र में कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। इस वजह से स्कूल के जर्जर भवन का निर्माण नहीं हो पा रहा है। नए भवन के लिए विभाग ने 11 लाख स्वीकृत किए थे। नतीजा ये है कि स्कूल के बच्चे दूसरे स्कूल में पढ़ने को मजबूर हैं।
राजकीयकृत प्राथमिक विद्यालय बांग्ला थड़पखना के परिसर में भी कब्जा है। जबकि स्कूल में बांउड्रीवाल है। उसके बाद भी कब्जा अंदर किया गया है। इसकी शिकायत उपायुक्त तक हुई है फिर भी जिला प्रशासन मौन है।
चुनाव के बाद कार्रवाई
राजकीयकृत प्राथमिक विद्यालय, चरखा मंदिर में रखा घरेलू सामान।
जिन स्कूलों पर कब्जा किया गया है, उसपर चुनाव के बाद कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में जिला प्रशासन से सहयोग लेकर कब्जा हटवाने की पहल की जाएगी।\\\'\\\' जयंतकुमार मिश्रा, डीएसई,रांची
राजकीयकृत प्राथमिक विद्यालय म्यूनिसिपल कन्या स्कूल में भी विगत कई वर्षों से स्कूल के पीछे की जमीन पर कब्जा है। इस परिसर में बच्चों के खेलने के स्थान पर घर बना है, जिसमें 10 से ज्यादा लोग रहते हैं। स्कूल के अंदर कब्जे की वजह से बच्चे खुलकर खेल भी नहीं पाते।
रहते हैं 10 से ज्यादा लोग