रांची के सेक्टर-3 गो
सरकार ने पिछले दिनों तेल का दाम डेढ़ से ढाई रुपए तक घटने से रोक दिया। अब यह कहना गलत होगा कि तेल का मूल्य बाजार के हवाले है। सच पूछें, तो सरकार दाम कम होने देना ही नहीं चाहती है। अगर ड्यूटी लगाकर मूल्य बढ़ाती है, तो जब मार्केट हाई पर रहता है, तो ड्यूटी कम क्यों नहीं करती है। इससे सरकार की दोहरी मानसिकता का पता चलता है।
रांची के सेक्टर-3 गोलचक्कर के सामने एक अपंग व्यक्ति अखबार बेच रहा था। एक बुलेट रुकी। उसमें ‘पुलिस’ लिखा हुआ था। उस अखबारवाले ने अपनी बैशाखी के सहारे चलकर उस व्यक्ति तक अखबार पहुंचाया। वह शख्स अपनी मोटर साइकिल से बिना उतरे ही उस अखबारवाले से अखबार खरीदा। पुलिसवालों के पास तो मानवता बची है और ही नैतिकता। जब ये ही मानव अधिकार का हनन करें, तो इसकी रक्षा की जिम्मेदारी किस पर होगी!
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आत्मचिंतन करने के बाद ही वोट डालें
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मंजिल की तलाश
पेट्रोल मूल्य घटाएं
मानव अधिकार की रक्षा किसके भरोसे!