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ध्वस्त व्यवस्था के बीच कैसे मनेगा पूजा पर्व
कलशस्थापन के साथ ही गुरुवार को शारदीय नवरात्र शुरू हो गया है। माता के भक्तों ने बड़े ही भक्तिभाव और हर्षोल्लास के साथ घरों में विधि-विधान से कलश की स्थापना की। देवी दुर्गा सहित सभी देवताओं के आवाहन के बाद दुर्गा सप्तशती का पाठ शुरू किया। शहर के पूजा पंडालों दुर्गा मंदिरों में भी नेम, निष्ठा और भक्ति के साथ कलश स्थापित किया गया।
इस दौरान मंदिरों में घंटा, घड़ियाल शंख की ध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो रहा था। धूप, गंध, नैवेद्य से वातावरण सुवासित रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस महापर्व को लेकर हर घर में उत्साह है। माता के भक्त सुबह ही स्नान-ध्यान कर अपने-अपने घरों में कलश स्थापित किए। मां भगवती की पूजा-अर्चना के बाद पुष्पाजंलि दी और दुर्गा सप्तशती का पाठ शुरू किया। माता को फल, मिस्री, मिष्ठान आदि का भोग लगाया और आरती की। इसी के साथ अधिकतर भक्तों का नौ दिवसीय उपवास भी शुरू हो गया। इसमें महिला-पुरुष बच्चे भी शामिल हैं। वहीं, भगवती के मंदिरों पूजा पंडालों में पुरोहितों ने कलश स्थापन कराया।
कई पंडालों में दुर्गा के बीज मंत्र का जाप-अनुष्ठान शुरू हुआ। देवी मंत्रों गीतों से पूरा शहर भक्ति के सागर में डुबकी लगा रहा है। नवरात्र की पूर्णाहुति तीन अक्टूबर को होगी। हालांकि, महाष्टमी और महानवमी दोनों एक ही दिन दो अक्टूबर को पड़ रही है। लेकिन उदयातिथि के अनुसार भक्त तीन अक्टूबर को ही हवन और पूर्णाहुति करेंगे।
351 कुंवारियों ने शुरू किया नवाह्न परायण पाठ
बिहार क्लब कचहरी चौक के पास विद्युत सज्जा के रूप में मंदिर का एक नजारा।
अव्यवस्था के लिए निगम जिम्मेवार
स्ट्रीट लाइट लगाई जाए
शराब की बिक्री बंद
ऑटो का परिचालन बंद हो
दो दिनों में सुधरे सफाई सुरक्षा व्यवस्था
शहर की अव्यवस्था के लिए पूरी तरह निगम जिम्मेवार है। पूजा समिति के दबाव में अधिकारियों ने 500 सफाई कर्मचारी देने का आश्वासन दिया है। कर्मचारी जाएंगे तभी समझेंगे कि निगम जागा है। अब मुख्यमंत्री को पहल करने की जरूरत है, क्योंकि मुख्य सचिव से लेकर जिला स्तर के जिम्मेवार अिधकारियों ने सिर्फ बयानबाजी की है। धरातल पर कोई ऐसे काम नहीं किए गए हैं जिससे श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़े।\\\'\\\' डॉ.अजीत सहाय, संयोजकमहानगर दुर्गा पूजा समिति
बिजली की स्थिति खराब है। पोल तार की स्थिति भी दयनीय है। कई रास्ते में अंध