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शहर में बढ़ रहा डर्टी फिल्मों का कारोबार

7 वर्ष पहले
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राजधानीसहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अश्लील फिल्मों का बेखौफ कारोबार चल रहा है। सैकड़ों ऐसी दुकानें हैं जहां नेट से अश्लील फिल्म क्लिपिंग डाउनलोड कर उसकी सीडी-डीवीडी बनाकर बाजार में बेची जा रही है। यही वजह है कि मोबाइल डाउनलोडिंग दुकानों से लेकर फुटपाथ पर अश्लील फिल्मों की सीडी का कारोबार चल रहा है। मोबाइल में डाउनलोड करने और सीडी-डीवीडी खरीदने वाले ग्राहकों में भी किशोरों की संख्या ज्यादा है। दुकानदार मुंहमांगी कीमत उनसे वसूलते हैं। इसके बाद भी पुलिस मनोरंजन कर विभाग के अफसर इस धंधे से अनजान बन रहे हैं।

नेटके बूते पायरेसी

अबपायरेसी के तरीके और स्वरूप में भी परिवर्तन रहा है। बिना लाइसेंस लिए लोग इंटरनेट से फिल्म, गाने, कंप्यूटर गेम्स आदि डाउनलोड कर उसका व्यावसायिक इस्तेमाल कर रहे हैं। इस गोरखधंधे का कारोबार करोड़ों रुपए तक पहुंच चुका है। पहले पायरेसी करने वालों को मास्टर कॉपी मंगवाने या प्रिंट खरीदने में हर फिल्म के लिए करीब दो से ढाई लाख रुपए खर्च करने पड़ते थे। नेट से डाउनलोड करने पर अब यह मुफ्त में हो जाता है। नेट से डाउनलोड करने में पुलिस छापे का खतरा भी कम रहता है। शहर की अधिकतर मोबाइल और मीडिया कम्यूनिकेशन दुकानों पर पायरेसी का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है।

कार्रवाई की जाएगी

किसीभी तरह की पाइरेटेड सीडी बनाना और बेचना दोनों गैर कानूनी है। अगर अश्लील फिल्मों की सीडी बेचने के अलावा मोबाइल में डाउनलोडिंग की जा रही है तो यह गंभीर मामला है। इसकी जांच करवाने के साथ छापामारी अभियान चलाकर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अनूपबिरथरे, एसपी,रांची

शहर में कई जगह फुटपाथ पर चल रही हैं दुकानें।

>शहर ग्रामीण क्षेत्रों में एक हजार से ज्यादा दुकानों पर बिकती है पायरेसी और अश्लील फिल्मों की सीडी।

> कांटा टोली, खादगढ़ा बस स्टैंड, डोरंडा, न्यू डेली मार्केट, लालपुर रातू रोड सहित अन्य इलाकों में दुकानें संचालित।

> एप्लीकेशन डाउनलोड के नाम पर मोबाइल दुकानों में डाउनलोडिंग का धंधा खूब फल-फूल रहा है।

> बच्चों से भी सीडी बेचने में परहेज नहीं करते हैं दुकानदार।

गहरी होती जा रही हैं जड़ें

जेल के साथ आर्थिक सजा का है प्रावधान

नेट से डाउनलोड करने में पकड़े जाने पर कॉपी राइट एक्ट की धारा 63 और के तहत दोषी पाए जाने पर अधिकतम तीन साल की जेल और पचास हजार रुपए