घेराव के कारण बंद रहा मुख्य गेट
एचईसीमुख्यालय का सोमवार को जन कल्याण समिति और एचईसी संघर्ष मोर्चा द्वारा घेराव किया गया। हालांकि, घेराव के मद्देनजर प्रशासन की ओर से पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जन कल्याण समिति की ओर से सोमवार को दिन में एचईसी मुख्यालय पर हल्ला बोल नियुक्ति का दरवाजा खोल कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें काफी संख्या में विस्थापित परिवारों ने हिस्सा लिया। नेतृत्व समिति के सचिव मुख्तार अंसारी ने किया। विस्थापित नेहरु पार्क पहुंचे और जुलूस के रूप में मुख्यालय पहुंच कर घेराव किया। ये सभी एचईसी के विस्थापित, पीड़ितों और विधवा आश्रितों को नौकरी देने, फोर्थ ग्रेड की नौकरी विस्थापितों के लिए आरक्षित करने आदि की मांग कर रहे थे। घेराव में रतन तिर्की, दयामनी बारला, सुशांतो मुखर्जी, एस अली आदि मौजूद थे।
विस्थापितों ने मुख्यालय पर हल्ला बोला
रांची | एचईसीसंघर्ष मोर्चा के नेताओं ने एचईसी प्रबंधन को सभा में चेतावनी दी और कहा कि 1.1.1997 से लेकर 2008 तक के बकाए एरियर का भुगतान करें या फिर मोर्चा सीएमडी विश्वजीत सहाय का पुतला दहन करेगी। मोर्चा के नेता कैलाश यादव ने कहा कि प्रबंधन फिलहाल एलटीए इनकैशमेंट और कोऑपरेटिव जैसे महत्वपूर्ण मांगों पर प्रबंधन ठोस निर्णय लें। भवन सिंह ने कहा कि प्रबंधन बकाए एरियर को गंभीरता से ले। उन्होंने कहा कि प्रबंधन एरियर का भुगतान जल्द नहीं करता है तो आंदोलन तेज किया जाएगा। सभा को मधुबन यादव, सरयू प्रसाद, लाल बिहारी शर्मा, राजेंद्र कांत महतो, केदार प्रसाद, मोतीलाल चौधरी, राजेंद्र राम, हरेंद्र प्रसाद और सूर्यदेव तिवारी ने संबोधित किया।
मुख्य गेट बंद से परेशानी
एचईसी के मुख्यालय के अफसर और कर्मचारियों को सोमवार को काफी परेशानी हुई। दो अलग-अलग संगठनों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यालय का घेराव किया। इससे मुख्यालय का मुख्य गेट बंद रहा। इससे आने-जाने में लोगों को दिक्कतें हुईं। सोमवार को दिन में जन कल्याण समिति द्वारा हल्ला बोल नियुक्ति का दरवाजा खोल और शाम में एचईसी संघर्ष मोर्चा द्वारा कर्मचारियों ने घेराव किया।
सभा को संबोधित करते एचईसी संघर्ष मोर्चा के नेता।
एचईसी मुख्यालय के मुख्य गेट पास धरना-प्रदर्शन करते जन कल्याण समिति के लोग।