आगमन काल प्रार्थना का समय है : कार्डिनल
रांची | मसीहियोंके लिए आगमन का काल प्रार्थना और मनन-चिंतन के साथ आध्यात्मिक तैयारी का है। इसमें विश्वासी अपने जीवन का मूल्यांकन कर अपने हृदय को प्रभु येसु के जन्म के स्वागत के लिए तैयार करते हैं। उक्त बातें रोम दौरे से लौटे कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो ने कही। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष आगमन काल में विश्वासियों की आध्यात्मिक तैयारी बेतलेहम के गौशाले में जन्मे बालक ईसा की याद और उनके स्वागत में खुद को तैयार करना है। कार्डिनल ने एमेरिट्स बिशप बेनेडिक्ट 16वें के वर्ष 1986 के उन अनुभवों का उल्लेख किया जब वे एक कार्डिनल थे। उन्होंने रांची आर्चडायसिस के कैथोलिक विश्वासियों को भी आध्यात्मिक तैयारी के साथ बालक येसु के स्वागत के लिए खुद को तैयार रहने की बात कही।