योग्यता पर बन रही हमारी पहचान : शर्मा
ब्रह्मर्षियोंको अपनी ताकत बढ़ाने के लिए सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक स्तर पर अपनी स्वतंत्र पहचान बनानी होगी। ब्रह्मर्षि समाज के सदस्यों के पास न्याय करने की क्षमता है। ये बातें स्वामी सहजानंद सरस्वती ब्रह्मर्षि विकास परिषद के संरक्षक प्रोफेसर केपी शर्मा ने कही। वे रविवार को बरियातू में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अतीत में हमारी पहचान खेतीहर किसान के रूप में थी, लेकिन आज तकनीकी शिक्षा की ओर अग्रसर होने की आवश्यकता है, ताकि हम अपनी पहचान योग्यता के आधार पर बना सकंे।
राज्य प्रदूषण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष मणिशंकर ने कहा कि लक्ष्य प्राप्त करने के लिए एक-दूसरे का सहयोग करना जरूरी है। उन्होंने प्रमुख चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए दलगत भावना से ऊपर उठकर समाज हित में काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने संथाल परगना में संगठन के विस्तार के लिए राज्यस्तरीय बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया।
ब्योरा पेश किया
कोषाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार ने आय-व्यय का ब्योरा प्रस्तुत किया। महासचिव आरडी सिंह ने भावी कार्यक्रम के स्वरूप पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर उमेश राय, धर्मराज राय, कमल ठाकुर, प्रवीण पांडेय, रमाकांत, रामाशीष सिंह, सुबोध कुमार गुड्डू, नीरज शर्मा, शैलेंद्र कुमार सिंह, शशि प्रकाश, प्रकाश नारायण, राधेश्याम सिंह, राम कुमार चौधरी, हरि शंकर शर्मा, डॉ. अजेश कुमार, रिंकू कुमार सिंह, रामाशीष शर्मा, कामेश्वर प्रधान, गौतम सिंह, बैजनाथ पांडेय, सुजित कुमार सिंह और भीम कुमार सहित अन्य उपस्थित थे।
सहयोग जरूरी : सिंह
प्रदेश अध्यक्ष दारोगा सिंह ने कहा कि कम समय में परिषद के सदस्यों के सहयोग से कई चुनौतियों को पूरा करने में संगठन सक्षम रहा है। उन्होंने पिछले एक वर्ष के कार्यक्रम के स्वरूप की चर्चा की। इस अवसर पर संयोजक शिव कुमार सिंह, नवल किशोर सिंह, सीमा शर्मा, अनिल कुमार सिंह, रंजन सिंह, रामचंद्र सिंह, जय शंकर तिवारी के अलावा रामगढ़, हजारीबाग, पलामू, चतरा, कोडरमा और जमशेदपुर से आए सदस्यों ने भी अपने विचार रखे। बैठक का संचालन प्रधान महासचिव आरडी सिंह और धन्यवाद ज्ञापन शिव कुमार सिंह ने किया।
कार्यक्रम में मौजूद प्रो. केपी शर्मा, मणिशंकर, आरडी सिंह अन्य।