हिंदी दिल को छू लेने वाली भाषा : सीएम
मुख्यमंत्रीहेमंत सोरेन ने कहा कि हिंदी हर किसी के दिल को छू लेनेवाली भाषा है। देश में सभी धर्म-संप्रदाय के लोग रहते हैं। कई भाषाएं बोली जाती हैं। लेकिन हिंदी ही एक ऐसी भाषा है जो आसानी से सभी के समझ में जाती है। सोरेन रविवार को श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान, रांची में हिंदी दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह का आयोजन कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग और श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदी भाषा पर लगातार प्रहार हो रहा है। ऐसे में हम सभी को मिलकर हिंदी के विकास के लिए कार्य करना होगा। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि रविवार की सुबह एक अखबार में वे हिंदी पर आलेख पढ़ रहे थे। जिसपर हिंदी को लेकर व्यंग्य किया गया था कि ये कैसे बिगड़ती जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें हिंदी के लिए कुछ ऐसा करना होगा कि अगले हिंदी दिवस पर हमें अपनी भाषा पर गर्व हो। मौके पर डॉ. एके पांडेय सहित कॉलेज के प्राध्यापक और स्टूडेंट्स उपस्थित थे।
हिंदी दिवस के मौके पर एक व्याख्यान का भी आयोजन किया गया। जिसका विषय 21वीं सदी में हिंदी का स्वरूप और भविष्य रखा गया था। आलोचक डॉ. खगेंद्र ठाकुर ने कहा कि हिंदी की चिंता क्यों की जा रही है। यदि इसे चर्चा का विषय बनाया गया तो एक बात तो तय है कि कहीं कहीं हिंदी के भविष्य को लेकर हर किसी के मन में चिंता की लकीर अवश्य है। अंग्रेजी के भविष्य को लेकर इस तरह की कोई विचारगोष्ठी नहीं होती है। इसका कारण यह है कि अंग्रेजी का वर्तमान बहुत उज्जवल है। डॉ. मिथलेश ने कहा कि हिंदी का भविष्य भी कम उज्जवल नहीं है, लेकिन इसके वर्तमान पर कहीं-कहीं चोट के निशान अवश्य हैं। किसी भी भाषा का स्वरूप उसे उपयोग करने वाले तय करते हैं। जहां तक हिंदी का प्रश्न है सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में तो यह पहले से ही लोकप्रिय है। व्याख्यान को डॉ. अशोक प्रियदर्शी सहित अन्य ने भी संबोधित किया।
हिंदी का स्वरूप भविष्य पर व्याख्यान
हिंदी दिवसर समारोह में सभा को संबोधित करते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन।