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उद्योगों में ऊर्जा संरक्षण पर नई तकनीक के इस्तेमाल पर जोर

7 वर्ष पहले
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मेकॉनकम्यूनिटी हॉल में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का रविवार को समापन हुआ। दो दिनों तक चले सम्मेलन में विशेषज्ञों ने उद्योगों में ऊर्जा संरक्षण के लिए अद्यतन तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया। यह आयोजन मेकॉन, बंगाल इंजीनियरिंग एंड साइंस यूनिवर्सिटी रांची चैप्टर ब्यूरो ऑफ इंजीनियरिंग एफिशिएंसी नई दिल्ली ने मिलकर किया था।

अंतिम दिन तीन तकनीकी सत्र हुए। इसमें खनन, सूचना प्रौद्योगिकी एवं निर्माण क्षेत्र में सस्टेनेबिलिटी, ऊर्जा दक्षता एवं अपशिष्ट ताप की पुनरप्राप्ति तथा ऊर्जा अन्य क्षेत्रों में प्रचालन एवं मूल्यांकन से संबंधित पेपर प्रस्तुत किए गए। यूसिल, गोल्डर एसोसिएट्स, मेकॉन, निफ्ट, बीआईटी मेसरा, आईआईटी खड़गपुर, जेपी स्टील प्लानटेक, क्रॉम्पटन ग्रीव्ज, आरडी सीआईएस सेल, पोस्को एवं वोल्टैंप ट्रांसफॉर्मर के प्रतिनिधियों ने खनन क्षेत्र के बारे में विस्तृत चर्चा की।

मैन्यूफैक्चरिंग सत्र में भिलाई इंजीनियरिंग कॉर्प, एबीबी इंडिया, वोल्टैंप ट्रांसफॉर्मर, टाटा ब्लूस्कोप इंटरवाल्व जैसे अग्रणी उपकरण आपूर्तिकर्ताओं द्वारा पांच प्रजेंटेशन दिए गए। डॉ. डी मुखर्जी, प्रो. एके बरुआ, एसआर बासु, कियोशी फुसेकावा पी मुखोपाध्याय ने भारत सहित अन्य देशों में इस्पात क्षेत्र में सस्टेनेबल पर्यावरण, अनुकूल प्रौद्योगिकी, कोर सेक्टर के विकास में परामर्शी संस्थानों की भूमिका पर चर्चा की। सत्र की अध्यक्षता बीआईटी मेसरा के कुलपति डॉ. एमके मिश्रा ने की। मौके पर सम्मेलन से संबंधित स्मारिका का विमोचन किया गया। धन्यवाद ज्ञापन एसके दुआ ने किया।

कार्यक्रम में स्मारिका का विमोचन करते पदाधिकारी।