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प्रभु येसु के आदर्श को अपनाएं : ख्रीस्तुदास
स्वस्थजीवनशैली प्रत्येक मनुष्य का अधिकार है। इसके लिए कुछ और नहीं, बल्कि मनुष्यों को अपने अंदर के मानवीय मूल्यों और गुणों को जानने दूसरों के साथ बांटने की जरूरत है। इसकी शुरुआत हमें अपने घर और व्यक्तिगत जीवन से करनी होगी। उक्त बातें सोशल इनीसिएटिव्स ऑफ ग्रोथ एंड नेटवर्किंग (साइन) के डायरेक्टर फादर ख्रीस्तुदास ने कही। वे एसडीसी सभागार में सोमवार को सिस्टर डॉक्टर्स फोरम ऑफ इंडिया (एसडीएफआई) की सेंट्रल रीजनल मीटिंग को संबोधित कर रहे थे। हेल्दी लाइफ स्टाइल फॉर हेल्दी लाइफ विषय पर फादर ख्रीस्तुदास ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए हम मसीहियों को प्रभु येसु के जीवन और आदर्श को अपनाना चाहिए। अपने जीवन और उसकी अच्छाईयों को जानें, उन अच्छाईयों और अपनी सेवाओं से दूसरों के दुखों को बांटे। उन्हें खुशियां देने की कोशिश करें। मसीही सिस्टर डॉक्टर दूसरों की सेवा में ख्रीस्त को देखें। अपने समर्पित प्रेम, सेवा और करुणा से समाज राज्य में ख्रीस्त का प्रेम बांटे। उसी में जीवन की पूर्णता और समाज से हिंसा, भ्रष्टाचार और नफरत खत्म होगा।
बैठक में वयस्कों और महिलाओं के यौन प्रजनन से संबंधित मुद्दों पर डॉ. सरिता और डॉ. जसिंता ने विचार रखे। इसमें सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में किशोरियों और महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी बिंदुओं पर चर्चा हुई। इस बात पर जोर दिया गया कि उपलब्ध साधन में उन्हें कैसे बेहतर स्वास्थ्य मुहैया हो। मीटिंग में छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, एमपी, ओड़िसा और पश्चिम बंगाल से कुल 20 सिस्टर डॉक्टर्स शामिल हुईं। मीटिंग से प्राप्त निष्कर्षों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में क्रियान्वित करने के संकल्प के साथ मीटिंग का समापन हुआ। एसडीएफआई की प्रेसिडेंट सिस्टर डॉ. विमल और सेक्रेटरी सिस्टर आइलीन ने मीटिंग की सफलता के लिए कार्डिनल की आशीष मार्गदर्शन, फादर ख्रीस्तुदास के बहुमूल्य विचार और इसमें आए प्रतिभागियों काे धन्यवाद दिया।