रांची. अगर आपके
मोबाइल की बैटरी खराब हो गई है, आप बाजार से दूसरी खरीदने जा रहे हैं तो सावधान। आप ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर धोखेबाजी के शिकार हो सकते हैं। इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि आपको दी जा रही ब्रांडेड कंपनी की बैटरी असली है या नहीं। कहीं ऐसा हो कि चार्ज करने के दौरान ही बैटरी ब्लॉस्ट कर जाए। क्योंकि राजधानी के बाजारों में धड़ल्ले से नामी मोबाइल कंपनियों के नाम से नकली बैटरी बेची जा रही है। बड़ी कंपनियों का लेबल लगा होने से ग्राहक आसानी से दुकानदार के झांसे में जाता है। वहीं, कुछ दुकानदार इसे 99 प्रतिशत कॉपी बोलकर बेच रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में होती है ज्यादा बिक्री
रांचीसे कॉपी बैटरियां गुमला, खूंटी, लोहरदगा, रामगढ़, हजारीबाग, लातेहार और गढ़वा सहित अन्य जिलों में सप्लाई होती हैं। वहीं ऐसी बैटरियों की सबसे ज्यादा बिक्री ग्रामीण क्षेत्रों में होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल शॉप चलाने वाले दुकानदार कॉपी बैटरियों की डिमांड करते हैं। सस्ता होने के कारण बैटरी यहां आसानी से खप जाती है।
लाखों के टैक्स की चोरी
हरमहीने लाखों कॉपी बैटरियों की खेप दिल्ली
कोलकाता के रास्ते रांची पहुंच रही है। यह कारोबार पूरी तरह कच्चे बिल पर चलता है। रोजाना लाखों रुपए की खरीद-बिक्री होती है। लेकिन कच्चे बिल से कारोबार होने के कारण सीधे-सीधे टैक्स की चोरी हो रही है। खुलेआम यह धंधा फल-फूल रहा है, लेकिन जिम्मेवार अधिकारियों को इसकी परवाह नहीं है।
नकली बैटरियां बनाने का काम बेहद घटिया तरीके से होता है। बैटरियों की मैनुअल वेल्डिंग की जाती है। इनमें नॉन स्टैंडर्ड कोटिंग मटीरियल का इस्तेमाल होता है। बैटरियां बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें भी उम्दा क्वालिटी की नहीं होतीं। इसलिए कम समय में बैटरी फूलने की शिकायत आम है। इसके साथ कई बार चार्जिंग के दौरान नकली बैटरी फट भी जाती हैं।
मोबाइल के लिए घातक
नकलीबैटरियों के फटने का डर हमेशा सताता रहता है। वहीं इसका प्रदर्शन भी काफी बुरा है। ऑरिजनल बैटरियों के मुकाबले महज 30 फीसदी प्रदर्शन ही दे पाती हैं। हालांकि, ग्राहक कॉपी बैटरी कम कीमत में मिलने के कारण जानबूझकर खरीदते हैं। ऑरिजनल बैटरी ही मोबाइल में इस्तेमाल करना चाहिए।
मनोजकुमार, एक्सपर्ट,मोबाइल सर्विसिंग
दिल्ली-कोलकाता से आती है बैटरी
राजधानी के बाजारों में बिकने वाली नकली बैटरियों की खेप दिल्ली कोलकाता से लाई जाती है। यह खेप रेलवे के पार्सल विभाग में बुकिंग की बजाय आम तौर पर बसों से रांची पहुंचती है। अधिकतर बैटरी सप्लायर ट्रेवल बैग में ही इसे भरकर सामान्य यात्रियों की तरह सफर करते हैं। दिल्ली-कोलकाता मेड बैटरियां जिस रेट पर रांची भेजी जाती हैं, उसके दोगुने-तीन गुने दाम पर यहां बेची जाती हैं। इसके बाद भी असली के मुकाबले यह आधे से भी कम कीमत में ग्राहकों को मिल जाती है।