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बैंकों के डकार गए 33 अरब

6 वर्ष पहले
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रांची. राजधानी सहित प्रदेशभर में ऐसे लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो बैंक से लोन लेकर उसे चुकता नहीं करते हैं। फिलहाल सूबे में ऐसे डिफाल्टर्स की संख्या 3लाख 65हजार 529 है। इन डिफाल्टर्स के पास 31 बैंक के 3332.80 करोड़ यानी 33 अरब 32 करोड़ 80 लाख रुपए बकाया है। इनमें 11 लोग करोड़पति हैं।
इन 11 करोड़पति डिफाल्टर्स के नाम आरबीआई ने अपनी सूची में शामिल कर लिया है। जिसके बाद अब इन्हें देश के किसी भी बैंक से लोन नहीं मिलेगा। डिफाल्टर्स की सूची में सर्वाधिक नेता और ठेकेदार हैं। इनसे बकाया राशि की वसूली में बैंक को खासी परेशानी हो रही है। बकाया वसूली में हो रही परेशानी को देखते हुए बैंकर्स समिति अब ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है। बैंक अफसरों का कहना है कि सूबे में डिफाल्टर्स के पास जितनी राशि बकाया है, उतनी राशि से एक ग्रेटर रांची का विकास किया जा सकता है। यही नहीं, इन डिफाल्टर्स के कारण जरूरतमंद लोगों को भी अब लोन लेने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

रांची वासी सबसे आगे

बैंकोंका पैसा पचाने में रांचीवासी सबसे आगे हैं। यहां विभिन्न बैंकों के करीब 693.61 करोड़ रुपए डूब चुके हैं। 40 हजार से ज्यादा ग्राहक बैंक को चपत चला चुके हैं। रांची के बाद दूसरे नंबर पर पूर्वी सिंहभूम है। तीसरे स्थान पर धनबाद चौथा नंबर बोकारो का है। ये चारों जिले बैंकों के लिए सिरदर्द बने हुए हैं।

कार्रवाई निश्चित होगी

अबतक1.12 लाख डिफाॅल्टर्स पर केस फाइल हो चुका है। सभी डिफाॅल्टर्स पर कार्रचाई निश्चित होगी। बैंकों द्वारा डिफॉल्टर्स पर सर्टिफिकेट केस किए जा रहे है। कार्रवाई के लिए स्थानिय प्रशासन से मदद मांगी गई है। कई प्रावधानों में सुधार को लेकर कार्रवाई चल रही है।
जैनभूषण, अध्यक्ष,एसएलबीसी, झारखंड

चौराहों पर लगेगी बकाएदारों की फोटो

झारखंडराज्य स्तरीय बैंकर्स समिति अब बैंक से लोन लेकर नहीं चुकाने वालों की तस्वीर के साथ-साथ पूरी जानकारी चौक-चौराहों पर लगाएगी। बकाएदारों के बैनर बनाकर सड़क किनारे लगाए जाएंगे। डिफाल्टर्स पर मनी सूट, सटिर्फिकेट केस, सरफेंसी और डीआरटी एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। सरफेंसी एक्ट के तहत एक लाख से ऊपर के डिफाल्टर्स पर कार्रवाई करने का प्रावधान है।

सूबे में सर्वाधिक डिफाल्टर्स नेता ठेकेदार

बैंकसे लोन लेने दबाने तक में कर्जदारों ने अपने प्रभुत्व का भी भरपूर इस्तेमाल किया है। आरबीआई द्वारा जारी सूची में सूबे में सर्वाधिक डिफाल्टर्स नेता ठेकेदार है। सूची के अनुसार सूबे के डिफॉल्टरों में तीन पूर्व मंत्री हैं, वहीं सात पूर्व विधायक हैं। जबकि डिफॉल्टर जनप्रतिनिधियों की संख्या 80 है।

डिफाल्टरों से पैसा लेना है एक बड़ी चुनौती

एनपीएके कारण बैेंकों का मुनाफा लगातार कम हो रहा है। बैंक पूंजी के अभाव में ऋण वितरण से घबरा रहे हैं। इसका असर प्रदेश में औद्योगिक विकास पर पड़ेगा बैंक एनपीए वसूली के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं। लेकिन, अब तक अच्छा परिणाम देखने को नहीं मिला है।

एसबीआई को लगा सबसे ज्यादा चूना

लोनदेने के बाद वापस मिलने से तो लगभग सभी बैंक परेशान हैं , लेकिन सबसे ज्यादा घाटा एसबीआई को लग रहा है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को कुल 1,04,541 ग्राहकों ने 766.20 करोड़ का चूना लगाया है। दूसरे नंबर पर पंजाब नेशनल बैंक है। इस बैंक को 28,553 ग्राहकों ने 571.34 करोड़ का चूना लगाया है।