पाक सफर पर रवाना हुए 238 आजमीन-ए-हज
झारखंडके आजमीन-ए-हज का चौथा जत्था मंगलवार को बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से रवाना हुआ। इसमें 238 हज यात्रियों में 158 पुरुष और 80 महिलाएं शामिल थीं। सबसे ज्यादा उम्र 86 साल के दो यात्री अब्दुल गफ्फार और खादिम अंसारी थे। चौथे जत्थे में बोकारो, ईस्ट सिंहभूम, गढ़वा, गोड्डा और हजारीबाग सहित 15 जिलों के यात्रियों ने उड़ान भरी। विभिन्न जिलों के हज यात्री होने के कारण मंगलवार को एयरपोर्ट परिसर में छोटे चार पहिया वाहनों के साथ बड़े वाहन भी काफी संख्या में थे। बुधवार को जानेवाले पांचवें जत्थे में विभिन्न जिलों के कुल 237 हजयात्री रवाना होंगे। इनमें सबसे ज्यादा 121 हजयात्री धनबाद से जाएंगे। हज यात्रियों को सेवा में तैनात वॉलेंटियर मुस्तैद हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के साथ हजयात्री को टर्मिनल के अंदर ले जाने, एहराम बांधने, लगेज का वजन कराने और उड़ाने से संबंधित कागजात तैयार करने में मदद कर रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र के यात्रियों को काफी राहत मिल रही है।
परिजनों को पानी के लिए हो रही परेशानी
आजमीन-ए-हज को एयरपोर्ट विदा करने के लिए आनेवाले परिजनों की सुविधा की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। राब्ता हज कमेटी के महासचिव हाजी मुख्तार अहमद का कहना है कि इससे बेहतर व्यवस्था तो अस्थाई हज टर्मिनल में होती थी। पहले जहां हज यात्रियों के परिजनों और उनसे मिलने आनेवाले लोगों के लिए पंडाल आदि की व्यवस्था की जाती थी। इस बार पंडाल नहीं रहने से कड़ी धूप में ही परिजनों को रहना पड़ रहा है। दूसरी ओर पेयजल और शौचालय की भी व्यवस्था अब तक नहीं की गई है।
हज यात्रियों को संबोधित करते राज्यपाल डॉ. सैयद अहमद।