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शिक्षकों ने स्थगित किया अनशन

7 वर्ष पहले
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पांचसूत्री लंबित मांगों को लेकर राज्य के वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों का 48 घंटे का अनशन धरना सोमवार से बिरसा चौक पर शुरू हुआ। लेकिन देर शाम शिक्षा मंत्री से मिलने के बाद शिक्षकों ने 24 सितंबर तक अपना अनशन स्थगित रखने की घोषणा की।

शिक्षा मंत्री के साथ शिक्षकों की सहमति बनी कि 24 को उच्चस्तरीय बैठक बुलाई जाए। जिसमें शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी उपस्थित रहे और शिक्षकों का सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी इसमें शामिल हो। सभी के सामने वार्ता हो और मांगों का निपटारा किया जाए। मंत्री द्वारा इस पर सहमति दिए जाने के बाद शिक्षक बिरसा चौक से अनशन से हट गए।

झारखंड राज्य वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनरतले दिए जा रहे अनशन में मोर्चा के चार शिक्षक चंद्रेश्वर पाठक, बलदेव पांडेय, मो. हाशमी और नयन तारा शामिल थे। बिरसा चौक पर राज्यभर के शिक्षकों ने जमकर सरकार विरोधी नारेबाजी की।

मोर्चा के सदस्य सुरेंद्र झा और रघुनाथ सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से वित्त रहित शिक्षण संस्थानों को सिर्फ आश्वासन ही मिला है। समस्याओं का निदान विभाग नहीं कर रहा है। धरना में मुख्य रूप से हरिहर प्रसाद कुशवाहा, अरविंद कुमार सिंह, विजय झा, अर्जुन प्रसाद, देवनाथ सिंह, सिविरिया टोप्पो, राजेश कुमार, नरेश घोष, जोधो हजाम, इंद्रदेव प्रसाद वर्मा, मुज्जमिल हसन, कुंदन कुमार सिंह, नरोत्तम सिंह, अनिल तिवारी, कृष्ण मुरारी सिंह, संत कुमार मेहता, कमलेश्वर सिंह सहित अन्य शामिल थे।

{कामेश्वर प्रसाद कमेटी की अनुशंसा अविलंब लागू की जाए। { ग्रेडिंग के आधार पर बेहतर कॉलेजों का अधिग्रहण किया जाए। { स्थापनानुमति हाई स्कूल और प्रस्वीकृति प्राप्त इंटर कॉलेजों के शिक्षकों को 20 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। { संस्कृत विद्यालयों और मदरसों को अविलंब अनुदान दिया जाए।

प्रमुख मांगें

दिन में बिरसा चौक पर धरना पर बैठे वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक।