11वें जत्थे के आधे हजयात्री नहीं गए
आजमीन-ए-हजको जेद्दा लेकर उड़ान भरने वाले विमान के देर से उड़ने का सिलसिला जारी है। 11वें जत्थे में मंगलवार को लोहरदगा, गिरिडीह, गढ़वा, कोडरमा और ईस्ट सिंहभूम के 240 यात्रियों को रवाना होना था। लेकिन उनको लेकर उड़ान भरने वाले 240 की बजाय 130 सीट के विमान भेजने की सूचना डायनेमिक एयरवेज के अधिकारियों ने राज्य हज कमेटी के सीओ को दी। इसके बाद उन्होंने 129 आजमीन-ए-हज को एयरपोर्ट पहुंचने की सूचना दी यात्री 3.30 बजे से ही एयरपोर्ट पहुंचने लगे थे। उन्हें हज टर्मिनल के अंदर भेजा गया। लेकिन देर रात तक उनको लेकर उड़ाने भरने वाला विमान रांची एयरपोर्ट नहीं पहुंचा था। मालूम हो कि 129 हज यात्रियों को जेद्दा पहुंचाने के बाद यही विमान बचे हुए 111 हज यात्रियों को बुधवार को लेकर रवाना होगा। लेकिन ये यात्री किस समय उड़ाने भरेंगे, इस सवाल का किसी के पास जवाब नहीं है।
जमीन में बैठे रहे हजयात्री
मंगलवार को उड़ान भरने वाले 11वें जत्थे के हज यात्रियों को हज टर्मिनल के मीटिंग एंड ग्रीटिंग एरिया में ही रोक दिया गया। यहां पर इतने लोगों उनके परिजनों के बैठने के लिए कुर्सी उपलब्ध नहीं थी। जिसके कारण उन्हें जमीन पर बैठना पड़ा। उनके परिजनों का कहना था कि एहराम बांधने के बाद जमीन पर बैठकर विमान का इंतजार करना पड़ा। लेकिन हज कमेटी की ओर से कोई उनकी सुध लेने नहीं आया।
हज हाउस में हुआ हंगामा
उड़ान से दो दिन पूर्व नियमानुसार हज यात्रियों को रिपोर्ट करनी पड़ती है। इसके बाद एक दिन पूर्व पासपोर्ट सहित अन्य जरूरी सामान दिया जाता है। मंगलवार को उड़ान भरने के लिए कई यात्री अपने परिजनों के साथ रविवार को ही रांची पहुंच चुके थे। उन्हें जब पता चला कि 129 यात्री ही मंगलवार को उड़ान भरेंगे तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने हंगामा करते हुए मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के खिलाफ नारेबाजी की।
परिजन हुआ बेहोश, मची अफरा-तफरी
लोहरदगा के हरमन कुरैशी हज पर जा रहे अपने रिश्तेदार को रवाना करने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे। काफी देर वह इंतजार करते रहे, इस बीच अचानक से उसकी तबीयत बिगड़ गई। उनके बेहोश होने से एयरपोर्ट में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में वाॅलंटियरों ने हज टर्मिनल में तैनात डॉक्टर को बुलाया। इसके बाद एंबुलेंस से उन्हें गुरुनानक हॉस्पिटल इलाज के लिए भेजा गया।