एपीपी बदलने की कवायद शुरू
सुचित्रा हत्याकांड
राजधानीके चर्चित सुचित्रा मिश्रा हत्याकांड में एपीपी बदलने की कवायद शुरू हो गई है। लोक अभियोजक बीएन शर्मा ने गुरुवार को मामले के सूचक सुचित्रा के भाई गोविंद पांडेय को अपने कार्यालय में बुलाया और इस बात से अवगत कराया। बताया कि डीसी विनय कुमार चौबे ने अभी मामले को देख रहे एपीपी शिशिर कुमार सिन्हा को तत्काल हटाने का निर्देश दिया है। गोविंद पांडेय ने लोक अभियोजक शर्मा को आवेदन देकर मामले की पुन: जांच कराने की इच्छा जताई। कहा कि इसके लिए उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका भी दाखिल कर दी है। फिलहाल यह याचिका हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए लंबित है।
अबतक बदले गए दो जांच पदाधिकारी
इससंगीन मामले में अब तक दो जांच पदाधिकारी बदले जा चुके हैं। धुर्वा थाना के हरिनारायण शाह को पहला और वीरेंद्र राजवंशी को दूसरा जांच पदाधिकारी बनाया गया। फिलहाल धुर्वा थानेदार गरीबन पासवान मामले के जांच पदाधिकारी हैं।
क्या है मामला
11मई 2012 को चुटिया के सामलौंग के निकट स्थित ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल की एक वार्डन सुचित्रा पांडेय की हत्या कर दी गई थी। हत्या के मामले में स्कूल के डॉ. शशिभूषण मेहता समेत पांच लोगों के खिलाफ धुर्वा थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई। लेकिन चार महीने बाद ही सभी आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया गया। पुलिस की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपियों के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला है। जबकि मामले में चार गवाहों की गवाही नहीं हुई है।
क्या हुआ कोर्ट में
मामलेकी सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की आेर से अदालत में अधिवक्ता उपस्थित हुए। आंशिक बहस करते हुए मृतका के भाई गोविंद पांडेय के अधिवक्ता ने बताया कि मामले की पुन: जांच से संबंधित याचिका हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए लंबित है। इसलिए इस अदालत में मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के आदेश आने तक स्थगित रखी जाए। दूसरी तरफ अपर लोक अभियोजक एसके सिन्हा ने अदालत को बताया कि मामले से संबंधित सभी गवाहों का बयान दर्ज हो चुका है। और, जिनका बयान दर्ज नहीं हुआ है, उन्हें कई बार मौका दिया गया है। वे अभी भी बयान दर्ज करवा सकते हैं।
मामले की अगली सुनवाई 13 नवंबर को
सुचित्रा मिश्रा (फाइल फोटो)