पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • प्राइवेट प्रैक्टिस पर नहीं लगी रोक

प्राइवेट प्रैक्टिस पर नहीं लगी रोक

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रिम्सके डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं करे इसके लिए सरकार ने हर माह एनपीए देने का निर्णय लिया। प्राइवेट प्रैक्टिस करने के एवज में सरकार वेतन के अलावा रिम्स के डाक्टरों को दस करोड़ रुपए एनपीए के रूप में देगी। सरकार को उम्मीद है कि एनपीए की लालच में रिम्स के डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं करेंगे। मगर रिम्स के डॉक्टरों को नन प्रेक्टिसिंग एलाउंस पहले भी दिया जाता था। डॉक्टर एलाउंस भी लेते थे और जमकर प्राइवेट प्रैक्टिस भी करते थे। इस वजह से वित्त विभाग ने दो साल तक एलाउंस पर रोक लगा रखी थी। एक बार फिर सरकार ने नन प्रेक्टिसिंग एलाउंस देने से संबंधित संकल्प अक्टूबर में जारी किया। मगर डॉक्टरों के प्राइवेट प्रैक्टिस पर नकेल नहीं लगा। इस संबंध में डीबी स्टार ने 11 अक्टूबर को प्राइवेट प्रैक्टिस पर नकेल शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर में बताया गया था कि रिम्स के डॉक्टर सरकारी सुविधाएं भी लेते है और साथ ही साथ शहर में प्राइवेट प्रैक्टिस करते है। फीस के रूप में मरीजों से 500 से 1100 रुपए तक फीस की वसूली करते है। सरकारी आवास के साथ डॉक्टर्स निजी क्लीनिकों में भी बैठते है। अस्पताल में मरीजों को कम, प्राइवेट क्लीनिक में ज्यादा मरीज देखते है। सरकार ने ऐसे डॉक्टरों पर कार्रवाई के लिए कई बार आदेश जारी किए, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसकी वजह से रिम्स डॉक्टर निडर होकर शहर में खुलेआम प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे हैं।

FOLLOW-UP