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एमएलए-एमपी पर दर्ज केस की जांच 3 माह में पूरी करें : हाईकोर्ट
राज्यके 59 विधायकों पर दर्ज आपराधिक मामलों की जांच के संबंध में दायर जनहित याचिका का निष्पादन झारखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को कर दिया। इस मामले में सरकार का पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने लंबित जांचों को तीन माह में पूरा करने का आदेश देते हुए मामले का निष्पादन किया।
इस संबंध में झारखंड अगेंस्ट करप्शन की ओर से एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए राज्य के आरोपी विधायकों एक सांसद के विरुद्ध जांच जल्द करने और इस संबंध में फाइनल रिपोर्ट सौंपने का आदेश पारित करने का आग्रह किया गया था।
जस्टिस आरआर प्रसाद की खंडपीठ ने सोमवार को मामले की सुनवाई की। सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने बताया कि अधिकांश मामलों में जांच पूरी हो गई है। कुछ गिने-चुने मामलों में जांच चल रही है। जल्द ही इनमें चार्जशीट सौंप दी जाएगी। कुछ अन्य ऐसे मामले हैं, जिनके संबंध में अन्य वाद भी चल रहे हैं। सरकार का पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने मामले को निष्पादित कर दिया।
रांची | जनवरी2014 में ही फॉरेस्टर से रेंजर के पद पर प्रोन्नत अधिकारियों को चुनाव के बाद पदस्थापित करने का आदेश झारखंड हाईकोर्ट ने दिया है। जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने सोमवार को राकेश सिंह और अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया कि सरकार ने भले ही पदस्थापना का फैसला ले लिया हो, पर चुनाव के बाद ही इसे प्रभावी किया जा सकता है। इसके पहले ऐसा करने के लिए चुनाव आयोग की अनुमति जरूरी है। सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग का पक्ष राज्य के पूर्व मुख्य सचिव अधिवक्ता डाॅ. एके सिंह ने रखी। उन्होंने कहा कि अभी राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू है, ऐसे में चुनाव आयोग की सहमति के बिना अफसरों के पदस्थापना के निर्णय को प्रभावी नहीं बनाया जा सकता।
रांची | झारखंडहाईकोर्ट ने राज्य के मेडिकल काॅलेजों में एसटी-एससी और ओबीसी के लिए आरक्षित सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया के संबंध में सरकार को जानकारी देने का आदेश दिया है। जस्टिस आरआर प्रसाद की खंडपीठ ने प्रेम कटारुका द्वारा दायर एक हस्तक्षेप याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2002 में राज्य सरकार ने एक आदेश जारी किया था। इसके तहत मेडिकल काॅलेजों में आरक्षित सीटों के इस वर्ग के छात्रों द्वारा नहीं भरने की स्थिति में मेरिट के आधार पर इसे