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झामुमो के दबाव के बाद भी हाजी हुसैन असुरक्षित
झारखंडसरकार में कांग्रेस कोटे के मंत्री योगेंद्र साव के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर रंजीत कोहली उर्फ रकीबुल प्रकरण में फंसे सरकार के दो मंत्री हाजी हुसैन अंसारी और सुरेश पासवान को भी मंत्रिमंडल से हटाने का दवाब बढ़ गया है।
इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है। रविवार को होटल बीएनआर चाणक्या में आयोजित झासा के कार्यक्रम में गए मुख्यमंत्री ने इन दोनाें मंत्रियों को लक्ष्य कर कहा कि वे इस मामले में गंभीर हैं। उचित समय पर वे उचित कार्रवाई करेंगे। किसी भी कठोर निर्णय से वे पीछे नहीं हटेंगे। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद इन दोनों मंत्रियों पर कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।
सुरेश को लेकर राजद बंटा
राजद कोटे के मंत्री सुरेश पासवान को लेकर राजद बंट गया है। प्रदेश अध्यक्ष गिरिनाथ सिंह खुलकर सुरेश पासवान के पक्ष में हैं, तो दूसरी तरफ पार्टी विधायक दल की नेता मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने सुरेश पासवान से कन्नी काट ली है। इस मामले में वे खुलकर कुछ नहीं बोल रहीं। पूछने पर इस मामले को मुख्यमंत्री पर टाल दे रही हैं।
रंजीत कोहली उर्फ रकीबुल तारा प्रकरण में अब तक झामुमो अपने मंत्री हाजी हुसैन अंसारी का बचाव करता रहा है। प्रारंभ से ही पार्टी का मानना है कि इस प्रकरण में हाजी निर्दोष हैं। पार्टी का तर्क है कि हाजी हुसैन अंसारी ने रंजीत कोहली उर्फ रकीबुल के दावत में जाकर कोई गलती नहीं की है। पार्टी महासचिव सुप्रीयो भट्टाचार्य का कहना है कि हाजी के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है।
हाजी का बचाव करता रहा है झामुमो
झामुमो का अल्पसंख्यक चेहरा होने के कारण पार्टी हाजी हुसैन अंसारी के पक्ष में खड़ी है। हाजी पार्टी के बड़े नेता हैं। विधानसभा चुनाव को देखते हुए इनके खिलाफ कोई कार्रवाई कर पार्टी कोई मुसीबत मोल लेना नहीं चाहती है। हालांकि अब तक अनुभव बताता है कि सीएम अपनी और सरकार की छवि को लेकर काफी सतर्क रहते हैं। पूर्व मंत्री ददई, साइमन योगेंद्र साव के त्यागपत्र लेने से हेमंत की छवि निखरी है।
सरकार की छवि को लेकर सीएम सतर्क