दिल्ली दौड़े तो कटेगा टिकट : जीतेंद्र
राज्यविधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष भंवर जीतेंद्र सिंह ने पार्टी में टिकट के दावेदारों को स्पष्ट हिदायत दी है कि टिकट के लिए दिल्ली का चक्कर कतई लगाएं। यदि ऐसा किए, तो उनका टिकट कट भी सकता है। इसलिए क्षेत्र में ही रहकर जनता की सेवा करें। जीतेंद्र सिंह रविवार को होटल बीएनआर में कांग्रेसियों के साथ रायशुमारी के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। कहा कि पार्टी योग्य लोगों को ही टिकट देगी। 50 लोगों को साथ लेकर आने से टिकट नहीं मिलने वाला है। दावेदारों से कहा कि टिकट के लिए सिफारिश भी कराएं। पैरवी कराने वालों को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि बैठक में आए सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं की बात सुनी गई है। फिर भी यदि कोई कार्यकर्ता उनसे मिलकर अपनी बात रखना चाहते हों, तो वह फिर झारखंड आएंगे। वह धनबाद, जमशेदपुर या अन्य प्रमंडलों में भी जा सकते हैं।
तयहोंगे टिकट के मानक
जीतेंद्रसिंह ने कहा कि उम्मीदवारों को टिकट देने के लिए मानक तय किए जाएंगे। मसलन, जमानत जब्त हो चुके या बड़े अंतर से हारने वालों को टिकट दिया जाए या नहीं। इसके लिए स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से मानक तय किए जाएंगे। इसी के आधार पर उम्मीदवारों की सूची तय की जाएगी। जीत की संभावना वाले उम्मीदवारों को ही टिकट दिया जाएगा।
प्रदेश महासचिव सत्यनारायण सिंह ने स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष से कहा कि आपसी मतभेद खत्म होना चाहिए। अब शिकायतों का भी समय नहीं है। एकजुटता जरूरी है। पिछला लोकसभा चुनाव लड़े सभी नौ उम्मीदवारों, पीसीसी के वर्तमान एवं पूर्व अध्यक्षों, वर्तमान एवं पूर्व सीएलपी लीडर तथा युवा कांग्रेस, एनएसयूआई के पूर्व वर्तमान अध्यक्षों को दिल्ली बुलाया जाए और स्क्रीनिंग कमेटी के सभी सदस्यों के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी राहुल गांधी के साथ उनकी बैठक कराई जाए।
सबको एकमंच पर लाने की जरूरत
पूर्व मंत्री योगेंद्र साव भी जीतेंद्र सिंह से मिले। मौके पर सुबोधकांत सहाय ने कमेटी के अध्यक्ष से कहा कि इनके साथ अन्याय हुआ है। इनकी बात भी सुनी जाए। बाद में साव ने पूरी बात अध्यक्ष के सामने रखी। हालांकि माना जा रहा है कि योगेंद्र के मामले में पार्टी गंभीर है।
कांग्रेस विधायक चुनाव में भी दूसरे दलों के साथ गठबंधन के पक्ष में हैं। यह बात रायशुमारी में सामने आई। बैठक में