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विकास के पैसे खर्च करने में कोताही करें : सीएम
मुख्यमंत्रीहेमंत सोरेन ने अधिकारियों को कहा है कि वे विकास के पैसे खर्च करने में कोताही बरतें। गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन स्थित अपने सभाकक्ष में उन्होंने श्रम-नियोजन, कल्याण, उत्पाद, स्वास्थ्य तथा मानव संसाधन विकास विभाग की समीक्षा की। वर्तमान वित्तीय वर्ष में किन-किन विभागों ने कितना खर्च किया है, इसके बारे में सीएम ने योजनावार जानकारी ली। उन्होंने सभी विभागीय सचिवों को निर्देश दिया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष की राशि तथा 13वें वित्त आयोग से प्राप्त राशि काे वे तय समय तक खर्च कर दें। सभी सरकारी योजनाओं का कार्यान्वयन सुनिश्चित करने का भी सीएम ने निर्देश दिया। स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभुकों के खाते में राशि के सीधे भुगतान करने का प्रस्ताव तैयार करने काे कहा। बैठक में मुख्य सचिव सुधीर प्रसाद, विकास आयुक्त आरएस पोद्दार, योजना एवं विकास विभाग के प्रधान सचिव डीके तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एसके सतपथी आदि थे।
हॉस्टलों में सुविधाएं उपलब्ध कराएं
पंचायतों में ठंड के पहले बांटें कंबल
कल्याण विभाग के माध्यम से अनुसूचित जनजाति के छात्रों को समय पर स्कॉलरशिप मिलना चाहिए। पोस्ट मैट्रिक छात्रों के खाते में स्कॉलरशिप राशि भेजने की व्यवस्था हो। कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावासों में बिजली, पानी, रसोईया, शौचालय जैसी सुविधाएं निश्चित होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने ठंड के पहले सभी पंचायतों में 100-100 कंबल बांटने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दुर्गापूजा के बाद कंबलों को वितरण शुरू हो जाए। किसानों के लिए कुदाल, गैंती आदि बांटने काे भी सीएम ने कहा। राज्य से बाहर जाने वाले मजदूरों के पंजीकरण पर हेमंत ने बल दिया।
हेमंत ने राज्य सरकार द्वारा संचालित आईटीआई के संबंध में निर्देश दिया कि पीपीपी मोड में इसके संचालन के लिए विभाग प्रस्ताव तैयार करें।
एफिलिएटेडकॉलेजों के लिए बनी कमेटी : मुख्यमंत्रीने चार सदस्यीय समिति के गठन का निर्देश देते हुए कहा कि यह समिति तीन दिन के अंदर राज्य के एफिलिएटेड कॉलेजों की स्थिति का मूल्यांकन कर रिपोर्ट देगी।
श्रम एवं नियोजन विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोई भी वृद्ध, विधवा अथवा विकलांग पेंशन से वंचित ने रहें, इसके लिए कैंप लगाकर अधिक से अधिक लोगों को सूचीबद्ध करें और उन्हें लाभ दिलाएं। उन्होंने 15 दिन के अंदर