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धनी से स्वाभिमानी मित्र अच्छा है : रामदेव
रांची | धनीऔर दुर्गुणी मित्र से दरिद्र और स्वाभिमानी मित्र अच्छा है। भागवत का श्री कृष्ण और सुदामा का प्रसंग यही शिक्षा देता है। ये बातें पंडित रामदेव पांडेय ने कही। त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में सप्ताह व्यापी भागवत कथा के समापन के अवसर पर बुधवार को उन्होंने कहा कि आचार्य द्रोण और द्रुपद, दुर्योधन और कर्ण पर भगवान कृष्ण की मित्रता में कोई स्वार्थ नहीं है।