बाहरी से भाजपा की परेशानी बढ़ी
दूसरेदलों से भाजपा में आनेवाले कई नेताओं से भाजपा नेताओं कार्यकर्ताओं के बीच ऊहापोह की स्थिति पैदा हो गई है। इससे पार्टी की परेशानी बढ़ गई है। प्रदेश भाजयुमो अध्यक्ष रमाकांत महतो और हाल में पार्टी में शामिल हुए अमित महतो के साथ मारपीट, भाजपा के कद्दावर नेता कड़िया मुंडा का यह बयान कि पुराने कार्यकर्ता क्या आसमान में जाएंगे, उसी की बानगी है। उधर, झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी के भाजपा में आने या उनकी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर भी प्रदेश भाजपा में ऊहापोह की स्थिित है। आठ सितंबर को राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी कार्यकर्ताओं के बीच घोषणा कर गए कि पार्टी अकेले सभी 81 सीटों पर लड़ेगी। जनता भाजपा को पूर्ण बहुमत दे, नहीं तो वह विपक्ष में बैठेगी। अगर भाजपा ने किसी दल के साथ गठबंधन किया तो राज्य में एक दल की सरकार बनाने की उसकी घोषणा को शुरुआत में ही पलीता लग जाएगा।
भाजपा और आजसू के बीच भी गठबंधन पर बात बढ़ रही है। राज्यसभा सदस्य परिमल नथवाणी इसमें मध्यस्थ की भूमिका में हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रांची से लौटने के बाद आजसू पार्टी के अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो दिल्ली गए थे। वहां नथवाणी की मध्यस्थता में शीर्ष नेताओं के साथ बातचीत हुई। हालांकि अभी मामला सुलझा नहीं है।
अर्जुन मुंडा द्वारा यह बयान दिए जाने पर कि बाबूलाल को तय करना है कि वे निजी हित में भाजपा में शामिल होना चाहते हैं या राज्य हित में। इस पर समरेश सिंह की प्रतिक्रिया कि मुंडा आदिवासी कार्ड खेल रहे हैं, भाजपा में मंथन शुरू है। संघ ने नाराजगी व्यक्त की है।
आजसू पार्टी के साथ गठबंधन पर भी बढ़ रही बात
समरेश के बयान पर भाजपा में मंथन
रमाकांत महतो और अमित महतो के बीच हुए विवाद पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रवींद्र कुमार राय ने कहा है कि उन्होंने दोनों नेताओं से बुला कर जानकारी ली है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच के लिए प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश उरांव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी दोनों पक्षों से बात करने के बाद अपनी रिपोर्ट देगी। उधर बाबूलाल मरांडी का नाम लिए बगैर रवींद्र राय ने कहा कि राज्य गठन के समय केंद्र और झारखंड में भाजपा की सरकार थी। उस समय विकास के काम तेजी से हुए। केंद्र से भाजपा की सरकार जाने के बाद राज्य का विकास प्रभावित हुआ। इसलिए अब अगर कोई उस समय हुए विकास का अकेले श्र