चेक प्रतिनिधिमंडल ने किया सेट का दौरा
भारतमें चेक गणराज्य के राजदूत मिलोस्लाव स्टासेक की अगुवाई में मंगलवार को चेक के प्रतिनिधिमंडल ने सेंटर फॉर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सेट) का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल में वहां के उद्यमी भी शामिल थे। उनका स्वागत करते हुए सेट के कार्यपालक निदेशक नीरज माथुर ने इस्पात एवं लौह निर्माण के संदर्भ में दोनों पक्षों के बीच सहयोग एवं सामंजस्य पर संभावना प्रकट की। इसके बाद सेल के विभिन्न संयंत्रों एवं इकाइयों में चल रहे सेट की परियोजनाओं पर प्रस्तुति दी। चेक प्रतिनिधिमंडल ने कोक प्लांट मशीन टूल्स एवं पावर प्लांट की दिशा में चेक गणराज्य की उपलब्धियों पर एक प्रेजेंटेशन दिया।
अंत में दोनों पक्षों ने भविष्य में सहयोग की बेहतर संभावनाओं को तलाशने पर सहमति जताई। चेक राजदूत ने आशा जताई की चेक कंपनियों को सेल की परियोजनाओं में अधिक भूमिका निर्वाह करने का अवसर मिलेगा। यह जानकारी संचार प्रमुख उज्ज्वल भास्कर ने दी।
चेक गणराज्य के राजदूत मिलोसाव स्टासेक का कहना है कि रांची और चेकोस्लोवाकिया आपसी सहयोग से दुनिया में प्रौद्योगिकी, खनन एवं आधारभूत संरचना क्षेत्र में काफी काम कर सकते हैं। झारखंड खासकर रांची में यातायात सुविधाओं का घोर अभाव है और इस क्षेत्र में तत्कालिक रूप से काफी कार्य किए जा सकते हैं, चेक गणराज्य झारखंड सरकार की मदद के लिए तैयार है। चैंबर सभागार में हुई बैठक में चैंबर ने इंडो-डेनिस टूल रूम जैसा इंडो-चेक टूल रूम बनाने की मांग रखी। इस पर चेक राजदूत स्टासेक ने आवश्यक कार्रवाई करने को आश्वस्त किया।
चैंबर पदाधिकारियों के साथ की बैठक
चेक रिपब्लिक के राजदूत स्टासेक को मोमेंटो देकर सम्मानित करते सेट के ईडी।