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पुस्तक मेले में हैं गंभीर और सरल साहित्य

7 वर्ष पहले
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पुस्तकमेले में हर उम्र वर्ग और रुचि के पाठकों के लिए पुस्तकें उपलब्ध हैं। एक ओर जहां साहित्य के गंभीर पाठकों के लिए शोधपरक किताबें हैं, तो दूसरी ओर हल्की-फुल्की किताबें भी मेले की शान बढ़ा रही हैं। मेले में राजपाल की सरल पुस्तकों में सरल रामायण, स्वदेश परिचय शृंखला की नौ किताबें हैं। पुस्तक महल के स्टॉल पर खाना खजाना से लेकर पारिवारिक जीवन के लिए उपयोगी पुस्तकें हैं। गंभीर साहित्य में गौतम बुद्ध पर हरमन हेस की लिखी सिद्धार्थ, विजय बुक्स के स्टॉल पर अमीश की लिखी पुस्तक वायु पुत्रों की शपथ है। इस में शिव पर अलग दृष्टि डाली गई है। साहित्य अकादमी के स्टॉल पर शोधार्थियों की किताबें मौजूद हैं।

मेले में शाम को पेंटिंग प्रतियोगिता पुस्तक विमोचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आदित्य प्रसाद सिन्हा की पुस्तक तूलिका मनोज कुमार कुशवाहा की पुस्तक असफलता से सफलता की कहानी मेरी जुबानी का विमोचन जेबी पांडेय, शैलेंद्र सिंह, माधुरी नाग, राजश्री जयंती, दिलीप तेतरवे चंद्रभूषण ने किया। आदित्य प्रसाद की पुस्तक तूलिका झारखंड की चित्रकला पर आधारित है। इस पुस्तक में अलग-अलग त्योहार पर बनाए जाने वाले चित्र, चित्रों की शैलियां, उनका सांस्कृतिक महत्व आदि पर प्रकाश डाला गया है। पुस्तक में 65 प्रकार के चित्र अंकित हैं। साथ में उनके संदर्भ भी दिए गए हैं।

दो पुस्तकों का विमोचन

पुस्तकों का विमोचन करते अतिथि गण।