मनरेगा में मिले 150 दिन का काम : सीएम
झारखंड राज्य रोजगार गारंटी परिषद की बैठक में हुई चर्चा, डीडीसी होंगे मनरेगा के एडिशनल डीपीसी
मुख्यमंत्रीहेमंत सोरेन ने कहा है कि झारखंड के मनरेगा मजदूरों को एक साल में 150 दिन का काम मिलना चाहिए। शुक्रवार को प्रोजेक्ट भवन स्थित अपने सभा कक्ष में राज्य रोजगार गारंटी परिषद की बैठक में सीएम ने कहा कि सामान्यतः सौ दिनों के रोजगार गारंटी देने की व्यवस्था है, पर झारखंड के संदर्भ में यह नियम बदला जाना चाहिए। सीएम ने उपायुक्तों को निर्देश दिया कि भुगतान में देरी के कारणों की पहचान कर इसका शीघ्र निराकरण किया जाए। उन्होंने कार्य स्थल पर ही रोज भुगतान की संभावना पर भी विचार करने का निर्देश दिया। सीएम ने कहा कि मनरेगा कार्यों और मनरेगा मजदूरों का डाटाबेस तैयार हो। बैठक में जानकारी दी गई कि मनरेगा अंतर्गत लगनेवाले प्रत्येक पौधों की देखभाल के लिए 15 रुपए प्रति महीने की दर से पांच साल तक रुपए मिलेंगे। उपज पर लाभुक का अधिकार होगा। मनरेगा का बजट घटाकर 758 करोड़ रुपए किए जाने पर सीएम ने कहा कि पुनः 1600 करोड़ रुपए के बजट के लिए वे केंद्र सरकार को लिखेंगे।
कामकी समीक्षा हो : त्रिपाठी : ग्रामीणविकास मंत्री केएन त्रिपाठी ने कहा कि राज्य में मनरेगा के तहत हो रहे कामों की समीक्षा आवश्यक है। बैठक में विकास आयुक्त आरएस पोद्दार, प्रधान सचिव स्वास्थ्य बीके त्रिपाठी, प्रधान सचिव कृषि एवं गन्ना विष्णु कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एसके सतपथी, ग्रामीण विकास सचिव अरुण, मनरेगा आयुक्त राहुल पुरवार आदि मौजूद थे।