पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • पूर्व डीएसडब्ल्यू पर तीन करोड़ रुपए के गबन का आरोप

पूर्व डीएसडब्ल्यू पर तीन करोड़ रुपए के गबन का आरोप

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
{दिसंबर 2012 के बाद की जांच हुई तो बढ़ेगी राशि

कौशलआनंद | रांची

सरायकेला-खरसावांजिला के तत्कालीन जिला समाज कल्याण पदाधिकारी संजय कुमार ठाकुर पर तीन करोड़ रुपए की आंगनबाड़ी पोषाहार राशि में गबन का आरोप लगा है। वर्तमान समाज कल्याण पदाधिकारी भीष्म कुमार ने गबन की शिकायत डीसी से की है। उन्होंने डीसी को पत्र को लिख कर कार्रवाई की अनुशंसा की है। मालूम हो कि संजय कुमार ठाकुर पर इसके पूर्व भी लाखों रुपए के गबन का आरोप लगा है। ठाकुर पर सीएम डीजीपी को धमकी देने का भी आरोप है। अभी ठाकुर निलंबित फरार घोषित हैं।

जांचके बाद गबन का मामला उजागर

वर्तमानजिला समाज कल्याण पदाधिकारी भीष्म कुमार ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि इलाहाबाद बैंक से संबंधित कार्यालय के खाता के जून 2011 से दिसंबर 2012 तक के निकासी का विवरण चौंकाने वाला है। बैंक से प्राप्त विवरणी के अनुसार सरकारी निर्देशों के प्रतिकूल संजय कुमार ठाकुर ने सेल्फ चेक काटकर विभिन्न तिथियों में 2 करोड़ 97 लाख 48 हजार 696 रुपए की नकद निकासी की है। जबकि सरकारी निर्देशों के आलोक में इसे आंगनबाड़ी केंद्र के खाते में अंतरित करने का विभागीय निर्देश था, जो नहीं किया गया। इससे स्पष्ट है कि उक्त राशि का गबन किया गया है।

फर्जी विपत्रों के आधार पर कोषागार से राशि की निकासी की गई। उसे आंगनबाड़ी केंद्रों के पोषाहार खाते में अंतरित नहीं कर निजी लाभ के लिए नगद निकासी की। दिसंबर 2012 के बाद की जांच से गबन की राशि 5 करोड़ से अधिक की हो सकती है। पोषाहार से संबंधित सहायक रोकड़ पंजी के गायब रहने पर प्रभारी नाजीर निकोलस बारजो से पूछताछ की गई तो बताया कि उक्त रोकड़ पंजी का संधारण योगेश्वर सिंह मुंडा, सांख्यिकी सहायक, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी खरसावां द्वारा संजय कुमार ठाकुर के मौखिक निर्देश एवं खरसावां कुचई की बाल विकास परियोजना पदाधिकारी दुर्गेश नंदिनी के मौखिक प्रतिनियुक्ति के आदेश के आलोक में किया जाता रहा है। काफी खोज-बीन के बाद भी अब तक उक्त रोकड़ पंजी नहीं मिली है। उक्त पंजी में कोषागार से निकासी एवं व्यय का विस्तृत विवरण रहता है।

तमाम प्रकार की छानबीन के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचा गया है कि आंगनबाड़ी पोषाहार राशि में 2 करोड़ रुपए से अधिक की हेरा-फेरी हुई है। मैंने अपनी रिपोर्ट डीसी को भेज दी है। आरोपी अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा