पांच घंटे ऑपरेशन, निकला बड़ा ट्यूमर
बात-बातपर गुस्सा आना और अपनों से उलझ पड़ना, यह 47 साल की जयंती की आदत बन चुकी थी। इससे परेशान परिजन उसे आसनसोल में किसी डॉक्टर के पास ले गए। वहां से जयंती को रिम्स रेफर कर दिया गया। यहां न्यूरो एचओडी डॉ. अनिल कुमार ने जांच की और सिटी स्कैन कराने को कहा। इस जांच रिपोर्ट ने डॉक्टरों को चौंका दिया। पता चला कि मरीज एपिडर्माइड ट्यूमर से पीड़ित है, जिसे सर्जरी से ही निकाला जा सकता है।
इसके बाद शनिवार को करीब पांच घंटे तक उसका ऑपरेशन चला। डॉ. कुमार ने माइक्रोस्कोपिक और एंडोस्कोपिक सर्जरी से ब्रेन ट्यूमर को टुकड़े-टुकड़े में एंडोस्कोपी की मदद से निकाल दिया। टीम में न्यूरो सर्जरी के डॉ. थामस मिंज, आनंद, डॉ. प्रकाश, डॉ. जयेंद्र, ऐनेस्थिसिया एचओडी डॉ. उषा और डॉ. अशोक शामिल थे।
ऑपरेशन करने में देर होने पर मरीज पारालाइसिस का शिकार हो सकती थी। साथ ही उसकी आंखों की रोशनी पर भी खतरा था। ऑपरेशन से यह खतरा टल गया है। अब मरीज की हालत में लगातार सुधार है। अब उसकी समस्याएं दूर हो गईं।
एपीडमार्इड ट्यूमर का आकार काफी बड़ा था। लंबाई करीब 14 सेमी और चौड़ाई 10 सेमी। यह ब्रेन के दायें हिस्से में ब्रेन लोब में था और जड़ में घुसा हुआ था। हालांकि, यह ट्यूमर ब्रेन के बाहर होता है। यह मामला अपने आप में रेयर है, क्योंकि ऐसे टयूमर के केस काफी कम मिलते हैं।
खतरा टला
काफी बड़ा था ट्यूमर
डॉ कुमार ने बताया कि ऑपरेशन करीब पांच घंटे तक चला। इस दौरान ब्रेन ट्यूमर को टूकड़े टूकड़े में एंडोस्कोपी की मदद से निकाला गया। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत में लगातार सुधार है।
जयंती देवी
मरीज का ब्रेन स्कैन, काले धब्बे में ट्यूमर।
डॉक्टरों ने पांच घंटे की मशक्कत